सरहद की मजबूरी

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sanjeev shreevastav
प्यार किया है दोनों ने,पर सरहद की मजबूरी है,
दो दिलों के बीच में देखो,दो देशों की दूरी है।
मिलन बड़ा मुश्किल है उनका दोनों खूब समझते हैं,
तड़पते रहते रातों-दिन छुप-छुप आहें भरते हैं।
बड़ा कठिन है जीवन उनका ख्वाहिश सभी अधूरी है।
दो दिलों….॥
दुश्मनी है दोनों देशों में खून-खराबा होता है,
बेबस प्रेमियों का दिल तो सिसक-सिसक के रोता है।
नारायण भारत में रहता पाकिस्तान में नूरी है।
दो दिलों….॥
इंतजार में अब भी दोनों,कभी अपना मिलन होगा,
पाक-हिंद भी दोस्त बनेंगे,एक दिन सही सपना होगा।
राजनीति से उठकर सोंचो,युद्ध अब नहीं जरूरी है।
दो दिलों के बीच में देखो,दो देशों की दूरी है॥
( १६  १४ यति पर)
 #संजीव श्रीवास्तव ‘सार्थक’
परिचय: संजीव श्रीवास्तव ‘सार्थक’ की जन्मस्थली-पुखरायां (कानपुर देहात) एवं जन्मतिथि- १३ अप्रैल १९७४ है। आपका निवास शहर-पुखरायां(राज्य उत्तरप्रदेश)है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा आपकी शिक्षा व कार्यक्षेत्र-शिक्षक(प्रावधिक शिक्षा,उत्तरप्रदेश) है। लेखन में आपकी विधा-गीत,ग़ज़ल और मुक्तक है। लेखन का उद्देश्य-साहित्य अभिरुचि और शौकियाना है।
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।