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हिंदी की अद्यतन दशा और दिशा

 भारत ,जहाँ कहा जाता है "कोस-कोस पर पानी , तीन कोस पर बानी " इस परिदृश्य में देश के विभिन्न भाषा -भाषाई जन को एक सूत्र में पिरोने वाली हमारी…
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वरदान दो 

  अपनी कृपा की कोर दो वरदान दो वरदान दो | वागीश वीणा वादिनी करुणा करो करुणा करो | मुझको अगम स्वर ज्ञान का वरदान दो वरदान दो | निष्काम…
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बर्दाश्त हो जाएगा?

बर्दाश्त हो जाएगा किराए के घर में रहना जिसमें न छज्जा है, न बैठका, न बरजा बस! अंधी-अंधी दो ठिंगनी कोठरियाँ हैं बिना खिड़कियों और रोशनदानों वालीं जहाँ ततैये भी बचते हैं अपने घरौंदे…
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जय हिन्द, जय हिन्द की सेना

आज पुराने किस्सों को फिर नये सुरों में दोहराना है ये आज़ादी का कोरस है हम सबको मिल के गाना है अपने दिल की बात कह दूँ सबसे आज मुझे…
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