कापी का कोरा पन्ना फाड़ा और उसे एक आकार दिया शायद वह कागज का ऐरोप्लेन बन गया था अपने नन्हे-नन्हे हाथों को अधिकतम उंचा उठाकर हवा में उछाल दिया, कुछ दूर तक हवा में तैरने के बाद वह कागज वापिस आकर नीचे गिर गया………फिर उसे उठाया और फिर उछाला……..अबकी बार […]

आंगन के बीचों बीच कौशल्या की मृत देह को रख दिया गया था । कर्नल रामसींग आंसू भरी आंखों से एकटक देख रहे थे । दूर महानगरों में रह रहे दोनों बच्चों को माॅ के निधन की सूचना दे दी गई थी । संभवतः वे कल तक ही यहां पहुंच […]

‘‘डाक्टर साब आपके घर से फोन आया है आपका बेटा बीमार है’’ । नर्स ने बहुत देर तक डाक्टर साहब के फरुसत हो जाने की राह देखी थी पर वे फुरसत हो ही नहीं पा रहे थे । एक मरीज जाता तो दूसरा आकर उनके सामने बैठ जाता । डाक्टर […]

सुनीता सुबह से ही बैचेन थी । उसके सामने रह-रह कर विजय का चेहरा घूम जाता था । उसे तो अभी ही पता चला था कि विजय को कोरोना हो गया है । कोरोना का खौफ और विजय की याद उसे परेशान कर रही है । एक तो वह वैसे […]

‘‘इतने रूपये में कोई मोबाइल नहीं आता…….’’ । मित्र के चेहरे पर नाराजगी के भाव आ गये थे । ‘‘देखो सेठ जी यह रखे तो दो सौ रूपये है और मांग रहा है एनराइड मोबाइल……’’ । दुकान के कर्मचारी की आवाज में तिरस्कार था । ‘‘मेरे पास तो इतने ही […]

आज सुबह से ही शर्मा जी अपने घर के मुख्य द्वार के सामने ही बैठे थे । उनकी निगाहें बार-बार सड़क की ओर चली जातीं पर सारी सड़क तो सूनी थी । कोई चहल पहल नहीं थी । सुनसान सड़क को देखने की अब तो उनकी आदत हो गई । […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।