माँ तुझे सलाम…

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durvesh
तेरे आँचल में हमने माँ, जीवन अपना काट दिया,
तेरे आँचल की खातिर माँ, सर पे कफ़न अब बाँध लिया
छू न पाएगा दुश्मन भी, तुझको माँ ये वचन दिया,
माँ तुझे सलाम माँ तुझे सलाम…..।
बन के तेरे रक्षक हम माँ, बेटे का फर्ज निभाएंगे,
कसम हमें जननी की माँ, तुझको अखण्ड बनाएंगे
जगत जननी तुम हो मैय्या, दुनिया को बतलाएंगे,
जय हो जय हो तेरी मैय्या, दुनिया में कराएंगे
माँ तुझे सलाम माँ तुझे सलाम…..।
तेरे आँचल की खातिर माँ, कितने बेटे चले गए,
छू न पाया दुश्मन भी माँ, चाहे जान पर अपनी खेल गए
इस वर्दी को पहन के माँ, हम अपना घर तक भूल गए,
देश सलामत रहे हमारा, हिन्दू-मुस्लिम भूल गए
माँ तुझे सलाम माँ तुझे सलाम……।
न जाने क्यों भाई हमारे, हम पर पत्थर मार रहे,
जिन्हें बचाने हम खुद माँ, अपनी जान पर खेल रहे
भूल गए है वो क्यों हमको, हमको दुश्मन मान रहे,
फिर न जाने क्यों माँ, बाढ़ में मरने से बचा रहे
माँ तुझे सलाम माँ तुझे सलाम……।
‘वन्दे मातरम’ कहने से क्यों, पीछे वो हट जाते हैं,
‘भारत माता की जय’ कहने में, न जाने क्यों शर्मा जाते हैं
जान लुटाते हम जिन पर, वो हमको बलात्कारी बताते हैं,
माँ तुझे सलाम माँ तुझे सलाम……।
‘आदित्य’ क्यों देव भूमि पर, गद्दार ही पैदा होने लगे,
आतंकी का साथ वो देकर, कलाम के सपनों को भूल रहे
चंद रुपयों की खातिर वो माँ, अपनी ही माँ का आँचल बेच रहे,
वन्दे मातरम बोल दो अब तो, आजादी का जश्न मना रहे
हिन्दू-मुस्लिम छोड़कर अब, देश की आओ बात करें,
भारत माँ की जय बोलकर, दुश्मन के लघु से अभिषेक करें
माँ तुझे सलाम माँ तुझे सलाम……॥
                                                      #बजआदित्यरंगी (दुर्वेश चौधरी)
परिचय: बजआदित्यरंगी (दुर्वेश चौधरी) उत्तरप्रदेश के बुलंद शहर जिले के डिबाई तहसील से हैं। आप चिकित्सा की पढ़ाई अलीगढ़ हॉस्पिटल से कर रहे हैं। उम्र 23 साल है। लिखना आपका शौक है।

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29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।