राष्ट्र वंदन

0 0
Read Time2 Minute, 59 Second
sushila-joshi-300x195
आओ जन्म भूमि की वंदना करें,
राष्ट्र  वंदना करें।
शस्य श्यामला धरा
प्रबुद्ध शुद्ध हो,
रोटी,कपड़ा और मकान
सर्व सिद्ध हो,
हर नवजात एक
कृष्ण बुद्ध हो,
कृष्ण बुद्ध हो।
एक विशिष्ट राष्ट्र की
कामना करें,
आओ वंदना करें।
वरदहस्त हमपे
भारती का रहे,
हर जगह प्रकाश
आरती का रहे,
ज्ञानदीप की शिखा के
प्रार्थी रहें,
प्रार्थी रहें।
निर्मल पुनीत भाव से
अर्चना करें,
आओ वंदना करें।
प्रदूषणों से दूर
इसका विकास हो,
दिशा-दिशा में फैलता
इसका सुवास हो,
हरेक प्राणी देश का
सबल प्रभास हो,
सबल प्रभास हो।
विशुद्ध परिवेश की
कामना करें,
आओ कामना करें।
नदी तलाब इसके
जल से भरे रहें,
बाग़ और बगीचे
फलों से लदे रहें,
खेत खलिहान
अन्न से भरे रहें,
अन्न से भरे रहें।
एक समृद्ध राष्ट्र की
कामना करें,
आओ कामना करें।
सरस्वती के क्षेत्र में
विश्व जय करे,
शांति ध्वज संस्कृति
जय-विजय रहे,
ज्ञान विज्ञान में
अजय अमर रहे,
अजय अमर रहे।
एक बलिष्ठ राष्ट्र की
चाहना करें,
आओ चाहना करें।
वन्दे मातरम
हरेक की जुबान हो ,
यहाँ न कोई हिन्दू
कोई मुसलमान हो,
तिरंगे की लहर में बसे
सबके प्राण हों,
सबके प्राण हों।
एक विशिष्ट राष्ट्र की
कामना करें,
आओ कामना करें॥
                                                                                #सुशीला जोशी

परिचय: नगरीय पब्लिक स्कूल में प्रशासनिक नौकरी करने वाली सुशीला जोशी का जन्म १९४१ में हुआ है। हिन्दी-अंग्रेजी में एमए के साथ ही आपने बीएड भी किया है। आप संगीत प्रभाकर (गायन, तबला, सहित सितार व कथक( प्रयाग संगीत समिति-इलाहाबाद) में भी निपुण हैं। लेखन में आप सभी विधाओं में बचपन से आज तक सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों का प्रकाशन सहित अप्रकाशित साहित्य में १५ पांडुलिपियां तैयार हैं। अन्य पुरस्कारों के साथ आपको उत्तर प्रदेश हिन्दी साहित्य संस्थान द्वारा ‘अज्ञेय’ पुरस्कार दिया गया है। आकाशवाणी (दिल्ली)से ध्वन्यात्मक नाटकों में ध्वनि प्रसारण और १९६९ तथा २०१० में नाटक में अभिनय,सितार व कथक की मंच प्रस्तुति दी है। अंग्रेजी स्कूलों में शिक्षण और प्राचार्या भी रही हैं। आप मुज़फ्फरनगर में निवासी हैं|

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मेरा देश

Wed Aug 2 , 2017
प्रभु जी ऐसा मेरा देश बना दो, जिसकी धरा पर पुण्य बसा हो। झूठ बोलना जहाँ पर मना हो, जहाँ सत्य का डंका बजता हो। काम,क्रोध,लोभ,मोह,अहंकार, जहाँ ये पाँच तत्व न पलते  हों। प्रभु जी ऐसा मेरा…॥ जहाँ हर घर में एक शिवालय हो, जहाँ मात-पिता का आदर हो। गुरुजनों […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।