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प्रीतम को पैगाम
Mon Jul 24 , 2017
पैगाम… प्रीतम के पते पर भेजा, तो बादल डाकिया बन आ गया वृष्टिपत्र लेकर। प्रीतम ने जो लिखा प्रेम का अक्षर-अक्षर। बारिश की बूंदों में झरा वो झर झर झर ……। बूँदों का स्पर्श पाकर, काया में सिहरन हुई। आज फिर विरह में तड़पकर, प्रेमाग्नि चेतन हुई। मीठा-मीठा दर्द उठ […]

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