मुकेश तिवारी ‘साहित्य श्री’ सम्मान से सम्मानित

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इंदौर। हिन्दी हाइकु का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन आगरा (उप्र) में गंगा दशहरा पर हिन्दी हाइकु परिषद और साहित्य साधिका समिति द्वारा आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार मुकेश तिवारी को सक्रिय साहित्यिक गतिविधियों के लिए साहित्य श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। इनके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों के 34 रचनाकार भी इस मौके पर सम्मानित हुए। सम्मेलन में मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी, मप्र के निदेशक डाॅ. विकास दवे थे व अध्यक्षता डाॅ. रवींद्र प्रभात ने की। साहित्य भूषण और हाइकु भूषण डाॅ. मिथिलेश दीक्षित और श्री निहालचंद्र शिवहरे मंच पर मौजूद थे।
सम्मेलन में हाइकु विधा की वर्तमान स्थिति और भविष्य को लेकर विचार-विमर्श हुआ। रचनाकारों ने हाइकु पाठ किया। अनेक पुस्तकों का विमोचन भी हुआ।
श्री तिवारी को मिले सम्मान से गौरव में अभिवृद्धि हुई इसके लिए मित्रजनों व साहित्यिक सुधिजनों ने शुभकामनाएँ प्रेषित कर अभिनंदन किया।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।