नारी सम्मान

Read Time0Seconds

आज तो हर संचार मीडिया पर मां ही तो छाई है,
तो फिर वो वृद्ध आश्रम में किसकी मां आई है,
आज नारी का शोषण करने वाले
ही मां को मानने वाले है
नारी को वासना की निगाहों से ताड़ने
वाले वो औरत भी तो किसी की बहिन या माई है।
बताओ कि नारी की किसके विरूद्ध लड़ाई है ?
जन्म से पहले कोख में मरवाते हो और
जग जननी से दौलत की भीख मांगते हो।
आज मैने देखा नारी की इज्जत
तार तार करने वाले इज्जत भरपूर चाहते हैं।
कभी अपनी मां को इज्जत न दी वो
वो आज शेरावाली के सामने क्यों शीश झुकाते हैं
हे मां तेरी सबसे ज्यादा जरूरत
तेरे ही रूप को है जो लड़ती हर कुरूप से है
जो अभी अभी नारी रूपी मां के साथ घटा
वो भी जानते हो क्या?
या फिर सिर्फ इन दिनों में ही मां को मानते हो।
ए नारी तू विचलित क्यो होती है ,
तुझे किसी की जरूरत नहीं है तू अकेली सिंह के
सम्मान होती है।
अब देर मत कर खड़ग उठा ,वहशियों पर वार कर
उनके टुकड़े हजार कर।
नारी तू ही दुर्गा तू ही महाकाली
अब तेरे बिना ये घटनाएं कहा रुकने वाली है।

#अनिल कुमार

3 0

matruadmin

Next Post

सूची, अनुसूची और साहित्य अकादमी के पुरस्कार !

Sun Oct 18 , 2020
साहित्य अकादमी के पुरस्कार पाने की होड़ एक और संविधान की अष्टम अनुसूची में स्थान पाने की होड़ का रूप ले रही है तो दूसरी ओर कुछ बोलियाँ साहित्य अकादमी की मान्यता के आधार पर अष्टम अनुसूची में स्थान पाना चाहती हैं। इस प्रकार संघ की राजभाषा हिंदी सहित भविष्य […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।