अभियंता

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आधुनिक समाज की रीढ़ ,
यूं ही नहीं कहलाते ये अभियंता।
तन ,मन ,लगन और मेहनत से,
अपना धर्म निभाते हैं ये अभियंता।

तन मन में समाया जिनके पागलपन,
जनसेवा में गवाएं अपना सारा जीवन।
इरादे हैं पक्के और दिल में जोश भरा,
आशा के दीप जलाएं मन में ये हर दिन।

जादूगरी कमाल की इनकी देखो तो जरा,
छोटे होकर भी करतब दिखलाएं बड़े बड़े।
दांतो तले उंगलियां दबाए जग सारा,
जब जब ये कुछ करने की जिद पे अड़े।

नदियों को रोका और सागर में बंध लगाए,
आकाश में देखो कितने ऐरोप्लेन उड़ाए।
टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर ,वीडियो गेम बनाए,
घर घर में मनोरंजन के साधन पहुंचाए।

फ्रिज, एसी ,कूलर , वाशिंग मशीन बनाए,
घर के सारे काम काज और भी सहज बनाए।
बना जा म्यूजिक सिस्टम सबको थिरकाए,
घर घर में देखो अभियंता खुशहाली लाए।

ट्रेन , बसें , ट्रक और मोटर कार बनाए,
मीलों दूर के सफ़र आसान बनाए,
गगनचुंबी बना इमारतें नए रिकॉर्ड बनाए
किलोमीटरों लंबे, ऊंचे पुल भी बनाए।

नमन करे हम सर एम विश्वेश्वरैया जी को
जिन्होंने वियर फ्लड वॉटर गेट्स बनाए।
अपनी, मेहनत, लगन और निष्ठा से ,
सारे जग में भारत का परचम लहराए।

आओ हम सब इस महान अभियंता का,
धूम धाम से जन्मदिवस मनाएं।
भारत रत्न सम्मानित सर विश्वेश्वरैया जी के

सम्मान में विश्व अभियंता दिवस मनाएं।

रचना –
सपना( स० अ ०)
औरैया

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।