परमात्मा

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परमात्मा शिव पिता हमारे
हम सब उनकी सन्तान प्यारे
सारे अवगुण त्याग दे अब हम
सद्गुणी हो जाए विचार हमारे
कल्याणकारी पिता की बाते
जीवन संवारती प्रभु की यादें
बच्चे बनकर श्रीमत पर चले
शांति सदभाव के सुपथ चले
खुशी हमेशा चेहरे पर रहेगी
पाप की दुनिया से दूरी रहेगी
मन विचलित भी कभी न होगा
प्रभु विस्मरण भी कभी न होगा।
#श्रीगोपाल नारसन

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शिक्षक क्या है

Tue Sep 8 , 2020
शिक्षक हमारे गुरु होते है , जैसे बुजुर्गों ने कहाँ है , की शिक्षक एक भगवान का रुप होते है , और उनका आदेश का पालन करना , हमारा परम कर्तव्य बनता है , उन्हें भेद-भाव का कोई भावना नही होता है , एक विद्यार्थी का जीवन मे , शिक्षक […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।