संविधान दिवस

Read Time2Seconds
नंदु अत्यंत उदास था। एक प्रश्न बार-बार उसके मस्तिष्क में कौंद जाता था,कि उसके माथे पर लगे झूठे 'देशद्रोह एवं पागल' के कलंक का 'ठप्पा' कब उतरेगा? वह भलिभांति यह भी जानता था कि पत्नी व बालबच्चों द्वार घर त्यागना उसका 'पागलपन' सिद्ध करता है।
   वह इस बात पर भी अचंभित था कि उसके द्वारा उक्त कलंकित धब्बे को मिटाने के संवैधानिक प्रयास को भी उसका 'पागलपन' ही मानते हैं।
  जबकि नंदु स्वंय पढ़ चुका था कि उक्त धब्बा संविधान की धारा 21, मेंटल हेल्थ एक्ट 1987 एवं दिव्यांगजन अधिनियम 2015 के अंतर्गत दण्डनीय है और उस पर देशद्रोह का झूठा आरोप लगाने वाले और पागल कहने वाले दण्ड के पात्र हैं।
किंतु संविधान का उल्लंघन कर नंदु व उसके परिवार का जीवन नर्क बनाने वाले स्वर्ग भोग रहे हैं और देश के 70वें संविधान दिवस के सुअवसर पर आज भी नंदु खून के आँसु रो रहा था। 

#इंदु भूषण बाली

0 0

matruadmin

Next Post

कान्हा जी तुम आओ ना

Tue Nov 26 , 2019
बाँके बिहारी आओ ना। मुरली मनोहर आओ ना। राधा के मोहन आओ ना। त्रिलोक के स्वामी आओ ना। देश भंवर में डोल रहा है कलयुग चरम पे बोल रहा है द्रोपदी खडी है चौराहे पर चिर हरण तुम बचाओ ना। बेटे मरे है सीमाओ पर गाये कटी है सड़को पर […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।