बोतलदास की राफेल कट हेयर कटिंग

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आफिस में आज बोतलदास की काफी चर्चा थी। जो भी कार्यालय में दाखिल होता वह
उसकी ओर मुखातिब होता और उसके बालों की तारीफ करता। उससे पूछता-बोतलदास
तुमने इतनी अच्छी हेयर कटिंग किस सैलून में करायी। कोई पूछता-यार लाक
डाउन के दिनों में सरकार ने सैलून बंद कर रखें है तो किस सैलून में गये
थे और ऐसी कटिंग कहां से करायी ?
बोतलदास गर्व से बताता कि सैलून बंद होने के कारण मेरी पत्नी ने यूटयूब
पर देखकर बालों की यह कटिंग की है। सैलून बंद हुआ तो क्या हुआ मेरी बीवी
ने घर बैठे सैलून खोल लिये हैं। वह पूरे परिवार के सदस्यों की इनदिनों
हेयर कटिंग कर रही है। बीवी का कहना है कि जब अधिकारियों की बीवियां अपने
पति की घर बैठे हेयर कटिंग कर रही है और फेसबुक में इसका फोटो भी अपलोड
कर रही हैं तो मैं घरेलू महिला होते हुए उनसे क्या कम हॅूं। इसलिए उसने
घर बैठे हेयर कटिंग करना शुरू कर दिया।
मैं जानता हॅूं कि बोतलदास आये दिन अपनी बालों की कटिंग के कारण दफतर के
साथियों के बीच चर्चा में रहता है। आज भी वह बालों की कटिंग के कारण में
चर्चा में था। बड़े गर्व से लोगों को बता रहा था कि इस हेयर कटिंग को
राफेल कट कहते हैं। इस हेयर कटिंग को देखकर मेरे दुश्मन डर जायेंगे और वे
मेरा बाल भी बांका नहीं कर पायेंगे। उसने आगे बताया कि राफेल कट बाल
काटने से मेरी बीवी की भी चर्चा मुहल्ले में हो रही है। लोग उसे राफेल कट
बीवी कह कर पुकारने लगे हैं। मुहल्ले की औरते भी उससे पूछ रहीं हैं कि
आखिर तुमने राफेल कट बाल काटना कहां से सीखा। बीवी बड़े चाव से बता रही है
कि मजबूरी क्या-क्या न सिखाये। सैलून और पार्लर बंद हों तो बीवियों को
नाई का भी काम करना पड़ता है। मैंने जब देखा कि फांस का लड़ाकू विमान राफेल
भारत आ गया है और उसकी बहुत चर्चा हो रही है तो सोचा कि आज अपने पति का
बाल राफेल कट ही काटूंगी जिससे वे लोगों के बीच चर्चा में रहें।
बोतलदास इससे पूर्व मशरूम कट हेयर कटिंग, कटोरा कट हेयर कटिंग, धोनी कट
हेयर कटिंग, माइकट जैक्सन कट हेयर कटिंग के लिए चर्चा में रह चुका था।
मैं जानता हॅूं कि वह फिल्में और क्रिकेट देखने का शौकीन है। जब भी किसी
फिल्म अभिनेता या क्रिकेट के खिलाड़ी की हेयर कटिंग देख लेता है वैसी ही
हेयर कटिंग कराकर दफ्तर में आता हैं।
मेरे दफ्तर में काम करने वाले दूसरे फैशन प्रेमी किफायती लाल कह रहे थे
कि यार मेरी बीवी तो कह रही थी कि अगर राफेल कट लाकेट बाजार में नजर आये
तो मेरे लिए जरूर ला देना। ऐसे शक्तिशाली फाइटर प्लेन का लाकेट पहने से
शरीर की इम्युनिटी बढ़ जाती है।
इस बीच कार्यालय की युवा रिसेप्शनिस्ट थर्मोस्केनर लेकर आ गयी और
बोली-हैंड्सअप। उसे देखकर किफायती लाल डर गया और बोला क्या तुम भी
इनदिनों रिवाल्बर रखने लगी हो। वह बोली-किफायती लाल यह रिवाल्वर नहीं है।
इसका नाम थर्मोस्केनर है। कार्यालय के अधिकारियों की ओर से आदेश हुआ है
कि यहां आने वाले सभी लोगों के तापमान की जांच इससे की जाये। अब दफ्तर
में चर्चा राफेल कट हेयर कटिंग के स्थान पर थर्मोस्केनर नामक रिवाल्वर
पर शुरू हो चुकी थी। लोग बोतलदास को थर्मोस्केनर कट हेयर कटिंग की भी
सलाह दे रहे थे। कह रहे थे कि अगली बार तुम थर्मोस्केनर कट हेयर कटिंग
कराना। इससे कोरोना तुम्हारे पास नहीं फटकेगा। वह हंस कर लोगों के सवालों
का जवाब दे रहा था।
नवेन्दु उन्मेष
रांची(झारखंड)

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।