राफेल हवाई जहाज

Read Time0Seconds

बोल रहा था पाक बड़े बोल,
उसकी बोलती बन्द कर आते।
पड़ा था रास्ते में पाक जब,
दो चार गोले छोड़ कर आते।।

अभी तो केवल पांच आए है,
दुश्मनों के दिल दहलने लगे हैं।
जब और आ जायेगे भारत में,
तब जल कर राख होने लगेगे।।

अपने भारत देश के अंदर भी,
कुछ मूर्खों की कमी नहीं है।
कहते है इन जहाजों पर कहीं,
एम आर पी तो लिखा नहीं है।।

पप्पू जैसे भैया भारत देश में,
नीचे से ही मूल्य आंक लेते हैं।
जमीन पर खड़े होकर ही वह,
जहाज का मूल्य झांक लेते हैं।।

देखकर भारत में आए राफेल,
पाक चीन ने शोक मनाया था।
ये तो कागज के बने हुए है,
ऐसा जनता को समझाया था।।

अभी बना रहा है भूमिका पप्पू ,
कैसे सरकार पर आरोप लगाए।
आने वाले संसद सत्र में हम सब
कैसे कैसे राफेल पर प्रश्न उठाए।।

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

1 0

matruadmin

Next Post

आधुनिक हिन्दी के संरक्षक राजर्षि पुरुषोत्तमदास टण्डन - प्रो. अमरनाथ

Sat Aug 1 , 2020
भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के अग्रणी पंक्ति के नेता राजर्षि पुरुषोत्तमदास टण्डन (1.8.1882- 1.7.1962) का राजनीति में प्रवेश हिन्दी प्रेम के कारण ही हुआ. 17 फ़रवरी 1951 को मुजफ्फरनगर ‘सुहृद संघ’ के 17 वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर टण्डन जी ने कहा था- “हिन्दी के पक्ष को सबल करने के उद्देश्य […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।