बहिष्कार करो चीनी माल का

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बहिष्कार करो चीनी माल का,
अगर देश को तुम्हे बचाना है।
प्रण करो देशवासियों आज सभी
भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।।

बन्द करो चीनी आयात को,
निर्यात को तेजी से बढ़ाना है।
भारत को आर्थिक दृष्टिकोण से
अब खूब माला माल बनाना है।।

आत्मनिर्भर जब होगा भारत,
तभी हर जंग लड़ पाएगा।
चीन पाक जैसे मुल्कों को,
तभी भारत धूल चटा पाएगा।।

सेना सीमा पर लड़ती हैं,
दुश्मन को मार भगाती है।
बन्द कर चीनी सामानों को,
दुश्मन की कमर टूट जाती है।।

सीख ले जापान से हम सभी,
उसने यू एस को पछाड़ा था।
बन्द कर दिया उसका सामान,
जब उसने उस पर बम डाला था।

भले ही सस्ता माल मिले तुमको,
चीनी माल का मोह छोड़ना होगा।
करो उत्पादन अपने ही देश में,
अगर दुश्मन को हराना होगा ।।

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

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matruadmin

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बहिष्कार करो चीनी माल का

Fri Jun 19 , 2020
बहिष्कार करो चीनी माल का, अगर देश को तुम्हे बचाना है। प्रण करो देशवासियों आज सभी भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।। बन्द करो चीनी आयात को, निर्यात को तेजी से बढ़ाना है। भारत को आर्थिक दृष्टिकोण से अब खूब माला माल बनाना है।। आत्मनिर्भर जब होगा भारत, तभी हर जंग […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।