क्या विपत्ति में भी कोई अवसर अवश्य निकलता है?

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विपत्ति हो या विपत्तियां धेर्य एक मात्र सुअवसर है।जो सब से उत्तम विकल्प है।विपत्तियों पर विजय पाने की सदृड़ इच्छाशक्ति किसी भी अवसर से अति आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।
कोई भी योद्धा युद्ध में शरीरिक शक्ति से अधिक इच्छाशक्ति से विजय प्राप्त करता है।सर्वविधित है कि जीवन के किसी भी संघर्ष में वही हारते हैं।जो संघर्ष से विमुख हो जाते हैं,अन्यथा युगों-युगों के इतिहास एवं धर्मग्रंथ साक्षी हैं कि निरंतर संघर्ष करने वाला कभी हारा नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पुरुषार्थ की परीक्षा की कसौटी का नाम विपत्ति है और विपत्तियों में ही मानव अपनी, अपने परिवार की, मित्र वर्ग की, अपने सगे संबंधियों के साथ-साथ सभ्य समाज की भी जांच कर सकता है।
यही नहीं विपत्तियां ही मानव जीवन को उसकी कुशलता के साथ-साथ जीना-मरना सिखाती हैं।माना यह भी गया है कि समय रहते गृहस्थ संबंधियों से विरक्ति का ज्ञान भी विपत्तियां ही सिखाती हैं।

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प्रेमाकर्षण

Fri Mar 6 , 2020
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।