विष्णु के हाथ भाजपा का कमल

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हालिया भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने युवाओं के प्रेरणास्त्रोत कहे जाने वाले जबर्दस्त जमीनी नेता मध्य प्रदेश के खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जवाबदेही सौंपी है। श्री शर्मा ने अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी। इसके बाद वे कई वर्षों तक परिषद में पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते रहे। फिलाहल वे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री, मध्यप्रदेश ओलपिंक ऐसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व संभाल रहे हैं। अलावे नेहरू युवा केंद्र संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों को तरुणाई के विकास के लिए बेहतर तरीके से संपादित कर नव आयाम अर्जित किया।

   वीडी भाई साहब के नाम से मनप्रिय आम कार्यकर्ताओं की आवाज विष्णुदत्त शर्मा का जन्म 01 अक्टूबर 1970 को मुरैना जिले के ग्राम सुरजनपुर में अमर सिंह शर्मा के घर हुआ। आपने एमएससी, एग्रीकल्चर एग्रोनामी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। भाजपा के वर्ष 2001 से वर्ष 2005 तक प्रदेश संगठन मंत्री महाकौशल का दायित्व भी बखूबी निभाया। वीडी भाई साहब ने राजनीति के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें बेस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी बॉलीवाल प्रतियोगिता में जवाहरलाल नेहरू कृषि विशवविद्यालय का प्रतिनिधित्व, कबड्डी और बॉलीवाल प्रतियोगिताओं में महाविद्यालयीन टीम के कप्तान भी रहे। इसके अलावा एनसीसी तथा अखिल भारतीय ट्रेकिंग शिविर गंगोत्री-गौमुख में सहभागिता समेत अनेकानेक प्रमाणपत्र प्राप्त किया। 

श्री शर्मा ने देश में बढ़ते भष्टाचार के खिलाफ भी अभियान चलाया। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2012 में युवा भ्रष्टाचार विरोधी मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक के तौर पर देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर भष्टाचार के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाकर, आंदोलन व प्रदर्शन का कुशल नेतृत्व किया। देश भर में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं तत्कालीन केंद्र सरकार के खिलाफ मार्च 2012 में दिल्ली में संसद का घेराव करने विशेष योगदान दिया। इतना ही नहीं अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री रहते हुए देश भर शिक्षा के व्याप्त व्यापारीकरण एवं अव्यवस्थाओं के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करते हुए सड़क से  सर्वोच्च न्यायालय तक संघर्ष की बागडोर संभाली। मध्यप्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेजों में गरीब बच्चों के प्रवेश में आने वाली कठिनाइयों के लिए भीषण रण के सारथी बने।  इतर नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए मां नर्मदा अध्ययन दल का गठन कर नर्मदा अध्ययन यात्रा की। विष्णुदत्त शर्मा ने विद्यार्थी कल्याण न्यास संस्था की स्थापना में सांगोपांग दिया। यह संस्था गरीब एवं पिछड़े वर्गों के सामाजिक उत्थान के लिए निस्वार्थ भाव से सराहनीय कार्य करती आ रही है।

  वीडी भाई साहब को अपने बेहतर कार्यों के लिए कई पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। जिनमें वर्ष 2018 में उन्हें दिल्ली के प्रतिष्ठित कलाम फाउंडेशन से कलाम इनोवेशन एंड गवर्नेंस अवार्ड मिला। एमआईटी पुणे ने यूथ लीडर अवार्ड प्रदान किया गया। शासकीय एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा युवाओं का नेतृत्व और सामाजिक कार्यों के लिए कई अन्य सम्मान, स्मृति चिन्ह तथा अभिनंदन पत्र भी मिले। साथ ही श्री शर्मा ने कई विदेश यात्राएं भी की। इनमें भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा इंडो-चीन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम 2015 में भारतीय डेलीगेशन का नेतृत्व प्रमुख हैं। अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में भाग लेने  बैंकाक और राजनीतिक, सामाजिक अध्ययन के वास्ते सिंगापुर तथा नेपाल गए। 

वस्तुत: ऐसे चतुर्दशी विष्णु के हाथों में भाजपा का कमल जरूर मध्यप्रदेश में चंहुओर खिलेगा। यह उम्मीद नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष के कार्यों से साफ झलकती है। खास बात युवाओं से सीधा-संवाद आपकी ताकत और हिम्मत है, इसी के बूते वैतरणी पार हो सकती है इसमें शक नहीं है। बानगी में पार्टी के युवाओं को यह आभास होने लगा की आज हम जो समर्पण संगठन को दे रहे हैं उसका फल अवश्य सुखदाई होता है। जिसकी जीती जागती मिसाल वीडी भाई साहब जैसे छोटे से कार्यकर्ताओं को दुनिया के सबसे बड़े राजनैतिक दल भाजपा के एक महत्वपूर्ण राज्य का प्रदेश अध्यक्ष बनाने से परिलक्षित हो रहा है। निसंदेह पार्टी की यह कवायद युवाओं में ऊर्जा का नव संचार कर सूबे में और एक बार भाजपा सरकार की बुनियाद रखेगी।

#हेमेन्द्र क्षीरसागर लेखक, पत्रकार व विचारक

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।