तुम्हारे चले जाने से

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जीवन की खुशी कही खो गई तुम्हारे चले जाने से,
अब तो ये दिन भी नही गुजरता तुम्हारे चले जाने से,
तुम्हे देखने और मिलने को तरस जाती ये अखिया तुम्हारे चले जाने से,
पंछियों की आवाज भी कर्कश हो गई तुम्हारे चले जाने से,
अब तो ये पानी भी मेरी प्यार नही बुझाती तुम्हारे चले जाने से,
भोजन का स्वाद मानो चला गया तुम्हारे चले जाने से,
अब ये जीवन भी उदास बन गया तुम्हारे चले जाने से,
आँखों और चेहरे की चमक भी खो गई तुम्हारे चले जाने से,
तेरे साथ बिताये हर लम्हे याद आते तुम्हारे चले जाने से,
अब तो ये चाँद भी मानो शितलता देना छोड़ दिया तुम्हारे चले जाने से,
फलो की मीठास भी खो गई तुम्हारे चले जाने से,
ये मन और दिमाग मेरे बस में नही तुम्हारे चले जाने से,
तेरा हँस के बाते करना और तेरा प्यार जताना बहुत याद आता तुम्हारे चले जाने से,
ये रात भी अब नही गुजरते तुम्हारे चले जाने से,
अब तो भोले के ही सहारे हो गया तुम्हारे चले जाने से,
तेरे प्यार में मैं उस सीढ़ी पे चढ़ गया हूं जो मुझे फिर से नीचे ले आती तुम्हारे चले जाने से,

काशीवंशी राहुल चौधरी
रामनगर, वाराणसी

                   
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।