आने वाली पीढ़ी का पथ प्रदर्शित करेगीः सदी के सितारे

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सदी के सितारे डॉ देवेन्द्र जोशी की एक विशिष्ट कृति है। जिसमें देश के 23 विशिष्ट व्यक्तित्वों पर उनके आलेख समाहित हैं। इस पुस्तक में जिन विभूतियों पर डॉ जोशी ने कलम चलाई है वे कहीं न कहीं भारतीय जन मानस पर अपनी अमीट छाप छोड़ते हैं। डॉ जोशी की पूर्णकालिक पत्रकारिता और उनके अध्ययन का प्रत्यक्ष रूप यह कृति है। लेखक ने अपने नियमित लेखन के दौरान कुछ विभूतियों को केंद्र में रखकर देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अपने जो आलेख लिखे है वे ही इस कृति में समाहित हैं। उन्होंने अपना पत्रकारिता धर्म ईमानदारी से निभाते हुए अपने लेखन को सहेजा और कृति के रूप में लाकर आने वाली पीढ़ी को सुपुर्द किया, ताकि ये हस्तियां किवदंतियां न बने और सदैव समाज का पथ प्रदर्शित करती रहे।

महात्मा गांधी, पं. नेहरु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी जैसी राजनैतिक हस्तियां जिन पर कई पुस्तकें और सामग्री प्रकाशन में उपलब्ध है, फिर भी इनके व्यक्तित्व व कृतित्व को लेखक ने इस पुस्तक का हिस्सा बनाया है। जो की उनकी दूर दृष्टि को बताता है। अध्यात्म जगत के मुनि तरुण सागर जी और डबराल बाबा पर इस कृति में विस्तृत आलेख है। वहीं क्रिकेट की दुनिया की सलामी बल्लेबाज विराट कोहली के जीवन पर भी लेखक ने कलम चलाई है। हिंदी और उर्दू साहित्य जगत के शीर्ष गोपाल दास नीरज, अनवर जलालपुरी, श्रीकृष्ण सरल, कृष्णा सोबती, केदारनाथ सिंह, प्रभाकर श्रोत्रिय, चन्द्रसेन विराट, विष्णु खरे और ओम व्यास ओम पर लेखक ने अपना साहित्यिक दायित्व निभाते हुए जो लिखा है, वो उनकी साहित्यिक निष्ठा को परिलक्षित करता है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक पं. मोहन मालवीय पर भी लेखक ने प्रकाश डाला है। (लेखक मालवा के है और मदन मोहन मालवीय के पुरखे भी मालवा के ही थे इसलिए उनका गोत्र मालवीय था।) पत्रकारिता जगत के अजेय योद्धा कुलदीप नैय्यर और जयदेव सिंह पर भी डॉ जोशी ने अपनी कलम चलाई है। आध्यात्मिक भजन संध्या के लिए मशहूर विनोद अग्रवाल को भी श्रद्धांजलि रूप में स्थान इस पुस्तक में दिया गया है। एकमात्र साक्षात्कार सरोद वादक पंडित अमजद अली खान साहब का है जो कि जोशी जी की मूल पत्रकारिता विधा को सामने लाता है । राज कपूर पर उनका लेख अपने आप में महत्वपूर्ण है। तथा मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ पर केंद्रित आलेख भी कृति में लिया गया है।

इस कृति की उपयोगिता जितनी आज है उससे कहीं अधिक आने वाले समय में होगी क्योंकि वक्त के साथ जब यादें धुंधली होने लगती है तो इस तरह की कृतियां ही उन यादों पर से जमी परतों को हटा सकती है। जो अति विशिष्ट है उन पर तो कई बड़े ग्रंथ निकल गए और निकलते रहेंगे लेकिन जो विशिष्ट होकर भी अपनी शिष्टता के कारण समय के गर्त में चले जाते हैं उन्हें इस तरह की कृतियां ही जिंदा रखती है। डॉ जोशी की यह कृति केवल कृति नहीं है, वर्तमान समय का इतिहास लेखन है। जो आने वाली पीढ़ी का पथ प्रदर्शित करेगी और जो लोग इस दुनिया से चले गए उनके कार्यों से सदैव युग को प्रेरित करती रहेगी।

इस कृति में अभी केवल 23 सितारों को जगह मिली है। इस विराट भारत भू पर कई सितारे हो गए जिन पर लेखन होना चाहिए और समाज तक पहुंचना चाहिए ऐसा मेरा मानना है। डॉ देवेन्द्र जोशी इस कृति के लिए बधाई और धन्यवाद दोनों के पात्र है। साथ ही उनसे भविष्य में यह अपेक्षा है कि सदी के सितारे की अगली श्रंखला भी वे शीघ्र लेकर आएंगे।

इस पुस्तक का प्रकाशन किताबगंज प्रकाशन गंगापुर सिटी राजस्थान ने किया है। पेपर बैक संस्करण में उपलब्ध करवाया है। आकर्षक मुखपृष्ठ तो पाठकों को अपनी और खींच ही रहा है, भीतर की साज-सज्जा और छपाई भी सुंदर है जो कि प्रकाशक के समर्पण को दिखला रही है। इस कृति के प्रकाशन के लिए किताबगंज प्रकाशन भी धन्यवाद का पात्र है।

कृति- सदी के सितारे

लेखक- डॉ देवेन्द्र जोशी

प्रकाशक- किताबगंज प्रकाशन, गंगापुर सिटी(राज)

मूल्य-195/-

समीक्षक- संदीप सृजन

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।