थाने में मनाया हिन्दी दिवस, खाकी ने किया हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का समर्थन

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इंदौर । हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत इंदौर के एम आई जी थाने में हिंदी दिवस मनाया। तथा सभी पुलिसकर्मियों ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने का संकल्प लिया व संस्थान को समर्थन प्रदान किया।
इस कार्यक्रम में मातृभाषा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मृदुल जोशी, इरशाद खान, पुलिसकर्मी आर एस यादव , मनीष सिंह लोहिया, निर्भय सिंह झाला, राम सिंह पटेल, सुनील मालवीय, राजेश जी, सुभाष जी, अमरजीत, दीपक जी आदि उपस्थित रहें। सभी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के जनआंदोलन का समर्थन किया व अपने हस्ताक्षर हिंदी में करने की शपथ ली।

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।