डॉ.मीना भट्ट जी पूर्व जिला न्यायाधीशा वर्तमान जबलपुर लोकायुक्त की अध्यक्षा ने शिक्षक/शिक्षिकाओं को गुरू गोविंद सम्मान से नवाजा

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साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा आयोजित 05 सितंबर 2019 शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर शिक्षक/शिक्षिकाओं का सम्मान समारोह बाखूबी सम्पन हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 05 बजे से आयोजित किया गया।कार्यक्रम के शुभ बेला पर मुख्य अतिथि डॉ मीना भट्ट जी,डॉ राजलक्ष्मी शिवहरे जी,विशिष्ट अतिथि डॉ कैलाश मंडलोई कदंब जी,कार्यक्रम अध्यक्ष छगनलाल विज्ञ जी,साहित्य संगम संस्थान के अध्यक्ष राजवीर सिंह मंत्र जी,साहित्य संगम
संस्थान की कोषाध्यक्ष छाया सक्सेना जी,कार्यक्रम संयोजिका डॉ कुमुद श्रीवास्तव जी,कार्यक्रम संयोजक मनोज कुमार सामरिया मनु जी,राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा पुरोहित जी,कार्यक्रम संचालक टी.आर.चौहान जी,नवीन कुमार भट्ट नीर की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ ज्ञातव्य हो की इस आयोजित सम्मान समारोह में पचास से अधिक शिक्षक/शिक्षिकाओं को डॉ.मीना भट्ट जी पूर्व जिला न्यायाधीशा वर्तमान जबलपुर लोकायुक्त की अध्यक्षा के करकमलों से गुरू गोविंद सम्मान से नवाजा गया।साहित्य संगम संस्थान की ओर से अध्यक्ष राजवीर सिंह मंत्र जी ने आद डॉ.मीना भट्ट जी का क्रतार्थ आभार व्यक्त किया साथ ही सभी सम्मानित विभूतियों को शुभकामना ज्ञापित करते हुये बताया कि ज्ञान की ज्योति जलाने वाले हिंदी के सेवकों का अभिनंदन होना ही चाहिए ।हिंदी के प्रति समर्पित यह संस्थान हर त्योहार पर विशेष कार्यक्रम, सम्मानित समारोह कर सम्मानित करता आया है संस्था के पदाधिकारी गण स्वैच्छिक रूप से अपना योगदान देकर निरंतर आगे बढ़ा रहे है।आज का यह कार्यक्रम भी निश्चित ही एतिहासिक बनकर यादगार बनेगा इस संस्थान का मात्र एक घोष ‘सबका प्रयास सबका विकास सबका विश्वास’ इस मंत्र को लेकर तीन सालों में अनेक उपलब्धियों हासिल की है जो अमिट व अद्वितीय है।सतत आगे बढ़ता चला आ रहा।नवल किशोर जी ने सभी सम्मानित ज्ञान विशारदों को हार्दिक नमन करते हुए कहा की ऐसे ही ज्ञान ज्योति प्रज्ज्वलित कर युग निर्माण करते रहें।

matruadmin

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।