रिश्ता

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krishn

पूज्य पिता जी की बाहों में,
जीने का किरदार छिपा हैll

ममतामई माँ के *रिश्ते* में,
अमर प्रेम संसार छिपा हैll

बहिना के राखी धागों में,
पूजा पुण्य प्रणाम छिपा हैll

नमन वंदना करके देखो,
सच में चारों धाम छिपा हैll

पिता-पुत्र के *रिश्ते* में,
साहस त्याग निदान छिपा हैll

माता पुत्री के *रिश्ते* में,
प्रबल प्रेम प्रधान छिपा हैll

पति-पत्नी के भी *रिश्ते* में,
दोनों दिल की चाह छिपी हैll

दादा-दादी के *रिश्ते* में,
दर्द दुआ परवाह छिपी हैll

भाई-भाई में,बहिन-बहिन में,
जीवनभर का प्यार छिपा हैll

नाना-नानी में, मौसा-मौसी,
अति उत्तम उद्गार छिपा है॥

*रिश्ते* सभी सलामत रखना,
*रिश्तों* में परिवार छिपा हैll

*रिश्ते* में आदर अभिनंदन,
मंगल मंगलचार छिपा हैll

कहीं टूट न जाये *रिश्ते* ,
जीवन का आधार छिपा हैll

गंगा-जमुना, मथुरा-काशी,
पावन हरि का द्वार छिपा हैll

*कवि कृष्ण कुमार सैनी”राज”

दौसा,राजस्थान 

matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।