जाम तो छलक रहा…

Read Time0Seconds
prabhat dube
जाम तो छलक रहा है,जिसे मैं पी तो रहा हूँ।
जिन्दगी कड़वाहट है,जिसे मैं जी तो रहा हूँ॥
जाम तो छलक रहा है, जिसे मैं पी तो रहा हूँ।
जिन्दगी जाम बने तो,मजा कुछ और है यारों।
तड़प जाए जो जिन्दगी,नशा कुछ और है यारों।
मैखाने में जाओ, जाम तुम छलकाओगे।
जिन्दगी छलक गई तो,सजा कुछ और है यारों॥
जाम तो गम है भुलाता , जिन्दगी देती यारों।
दोनों में मजा अलग है,मुझे अब सँभालो यारों॥
जाम तो छलक रहा है,जिसे मैं पी तो रहा हूँ।
जिन्दगी कड़वाहट है,जिसे मैं जी तो रहा हूँ॥
जाम जब चढ़ जाए तो,दुनिया रंगीन है दिखती।
जिन्दगी चढ़ जाए तो दुनिया संगीन है दिखती।
जाम के बिना जिन्दगी, सब तो विहीन है यारों॥
जाम तो छलक रहा है,जिसे मैं पी तो रहा हूँ।
जिन्दगी कड़वाहट है,जिसे मैं जी तो रहा हूँ॥
                                                                    #प्रभात कुमार दुबे 
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

आज की बेचारी नई पीढ़ी

Fri Aug 25 , 2017
दुनिया आप को माने उसके लिए, मेहनत से करना काम होता है…। न कि जबरदस्ती मानने के लिए, युद्ध को देना अंजाम होता है…। ये अलग बात है नसीब साथ नहीं देता, तो दिल लेना थाम होता है…। परिवार को दुख दे  कुछ हासिल नहीं, केवल जीवन हराम होता है…। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।