श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की समस्त बाधाएं शीघ्र दूर होंगीं : अलोक कुमार

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देश भर में हुए करोड़ों विजय महा-मन्त्रों के जाप

नई दिल्ली।

श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने हेतु विश्व हिन्दू परिषद् (विहिप) द्वारा आज देश भर में “श्रीराम जय राम जय जय राम” नामक विजय महा-मंत्र का करोड़ों वार जाप किया गया. दक्षिणी दिल्ली के राम कृष्ण पुरम स्थित विहिप मुख्यालय में इस अवसर पर मंत्र जाप में भाग लेते हुए विहिप कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार ने कहा कि पूज्य संतों के आदेशानुसार आयोजित इस देश व्यापी जन-जागरण कार्यक्रम से जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण में आने वाली सभी विघ्न बाधाएं अवश्य दूर होंगीं. निर्माण का रास्ता कोर्ट से निकले या सरकार या संसद से भगवान श्री राम के मंदिर की भव्यता के दर्शन हेतु सम्पूर्ण देश आतुर है. विक्रमी सम्वत् 2076 की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर के संकल्प के साथ आनंद संवत्सर की सर्व सिद्धि योग की अमृत बेला में विजय महा-मन्त्र की तेरह मालाओं का यह जप अनुष्ठान सम्पूर्ण हिन्दू समाज के लिए अनुकूल परिणाम लाएगा.

आज विक्रमी सम्वत् 2076 के सूर्योदय की पहली किरण से ही देशभर में विजय महा-मन्त्रों का जाप प्रारम्भ हो गया. पूज्य संतों व ज्योतिषविदों के अनुसार इस आनंद सम्वत्सर के प्रथम दिन के सूर्योदय से ही पुष्प नक्षत्र प्रारम्भ हो जाएगा जो सर्व सिद्धि योग की अमृत बेला भी है। इस शुभ अवसर पर संकल्प के साथ की जाने वाली सभी सद्कामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। इसी कारण प्रयाग में आयोजित कुम्भ की धर्म संसद में पूज्य संतों ने सभी रामभक्तों को “श्री राम जय राम जय जय राम’ नामक 13 अक्षरीय विजय मंत्र देकर कहा था कि इसका 13 करोड़ वार जाप भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर मन्दिर की भव्यता में आने वाली समस्त विघ्न-बाधाओं को दूर करेगा। 1 फरवरी 2019 को श्रीराम जन्मभूमि हेतु धर्म संसद में पारित एक प्रस्ताव में कहा गया था कि इस विजय महा-मंत्र का जाप प्रतिपदा यानि 6 अप्रेल के सूर्योदय से प्रारम्भ कर सभी राम भक्त 13-13 मालाओं का जाप अवश्य करें।

ये मंत्र जाप देशभर में अधिकांशतया मंदिरों में आयोजित किए गए किन्तु अनेक स्थानों पर घरों, पार्कों, व सामुदायिक स्थलों इत्यादि में भी संपन्न हुए।

भवदीय

विनोद बंसल

(राष्ट्रीय प्रवक्ता)

विश्व हिन्दू परिषद्

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।