समुद्र की लहरें

Read Time0Seconds
kalpana
लहरें थी समुद्र की
बहुत विशाल
न झूका वह
उनके आगे
खड़ा रहा
तान कर सीना
चाहा, लहरों से जीतना
देख मनु की इस अदा को
समुद्र मंद-मंद मुस्काया
कहा कान में लेहरो की उसने
और हुई पहले से अधिक विकराल
अब डगमगाया मनु उससे
खुद को उस तीव्रता से
न बचा पाया
मनु ने फिर भी हार न मानी
न झूका
लड़ता रहा अहम की ख़ातिर
और लहरों ने उसको
बहुत समझाया
समुद्र ने मनु को
निगलना चाहा
लेहरो न मौका देना चाहा
मनु तट पर लेटे लेटे
जान बची
ईश्वर के गुण गाया ।

 #कल्पना भट्ट

परिचय : पेशे से शिक्षिका श्रीमती कल्पना भट्ट फिलहाल भोपाल (मध्य प्रदेश ) की निवासी हैं। 1966 में आपका जन्म हुआ और आपने अपनी पढ़ाई पुणे यूनिवर्सिटी से 1984 में बी.कॉम. के रुप में की। विवाह उपरांत भोपाल के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से बी. एड.और एम.ए.(अंग्रेजी) के साथ एलएलबी भी किया है। आप लेखन में शौकिया तरीके से निरंतर सक्रिय हैं।

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

अंतर्मन

Sun Jan 20 , 2019
“जैसे ही नर्स विभोर को चेक करने आई ,मेरे लिए सुनहरा मौका था ,जिसे मैंने गंवाना उचित भी नहीं समझा और बाहर की तरफ भाग आया ।” अस्पताल परिसर में आते जाते लोगों की निगाहें,जैसे  मुझे  कह रही थी कि इस कायर ,धोखेबाज़,कमीने इंसान को देखो,जो दोस्ती के नाम पर […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।