हाइकु पंच

0 0
Read Time26 Second

ashok kumar dhoriya

1.
शीत लहर
परेशानी बढ़ाती
प्रकोप जारी
2.
रोटी सकेंगे
चुनावी तवे पर
नेता स्वार्थ की
3.
उड़ान भरो
असली सपनों की
लिखो कहानी
4.
मन भर के
परेशानी मिटाओ
काम करके
5.
सस्ता साधन
सद मनोरंजन
हँसी ठिठोली

परिचय:-
अशोक कुमार ढोरिया
मुबारिकपुर(हरियाणा)

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

शौचालय अपनाएं,स्वच्छ भारत बनाएं

Thu Dec 27 , 2018
स्वस्थ अगर रहना है तन से, सुबह सुबह में योग करें। मर्यादा में रहना है तो, शौचालय का प्रयोग करें।। ना जाने कितनी बीमारी, खुले शौच से होती हैं। और घर की बहू बेटियां, अपनी इज्जत होती हैं।। मूंछों का ख्याल रखो तुम, महिलाओं का मान रखो। बेटी घर की […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।