विद्यागुरु की पूर्णा

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shubham

मेरी माँ पूर्णमति,
दुनियाँ की माँ तो
संसार चलाने का
मार्ग देती है।

पर मुझे गर्व है तुमने,
संसार सागर से पार
होने के लिए..
गुरु से जुड़ने का
अनुपम मार्ग दिया।

सिर्फ मार्ग ही नहीं,
मार्ग पर बढ़ने के लिए
अनुप्रेरित भी किया।

मैं जन्म जन्मान्तर तक,
रहूँगा तुम्हारा आभारी।

#शुभम जैन

परिचय : माँ पूर्णमति जी भक्त परिवार से आप धार्मिक गतिविधियों में जुड़े हैं। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पृथ्वीपुर में शुभम जैन रहते हैं। सिर्फ २१ वर्ष के होकर शुभम जैन अध्ययन के साथ ही टीकमगढ़ में जैनाचार्य श्री विद्यासागर पाठशाला का संचालन भी करते हैं।

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tarkesh ojha

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।