सरकस

suresh sourabh

ब्रह्म लोक में हनुमान जी बहुत नाराज चले आ रहे थे ।  आते ही राम जी के चरणो में सिर नवा कर बोले- प्रभु जी मैं तो सिर्फ आप का भक्त हूं । साधु हूं । लोग कहते भी हैं जात न पूछो साधु की, पर मुझे जान बूझकर दलित बनाया जा रहा है । चुनाव के पेंच में मुझे कनकैया बना कर लड़ाया जा रहा है। मैं धरती पर इस तरह अपना तिरस्कार कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता । अगर आप ने कुछ नहीं किया तो मैं वही स्टेप उठाऊंगा जो रावण की लंका में उठाया था। तब तक वहीं उदास खड़े अपनी बड़ी-बड़ी दाढ़ी खुजाते हुए जामवंत बोले- मुझे भी भय खाए जा रहा है कहीं बड़ी-बड़ी दाढी़ के कारण मुझे मुसलमान न बना दिया जाए। तब नल नील और अंगद भी राम जी  से कहने लगे- प्रभु कुछ करें वर्ना बारी -बारी से ये चुनाव वाले हमें उड़ानझल्ले की तरह उड़ाते रहेंगे । बहुत देर तक राम जी अपने भक्तों की फरियाद सुनते रहे। जब सुनते-सुनते उनके कान पक गये तो बोले – मैं क्या करूं ,जब मुझे ही बरसो से टाट पट्टों में , चुनाव वालों ने पटक रखा है। अभी उनका पाप का घड़ा भरा नहीं है । तुम सब धैर्य रखो पूरा पाप का घड़ा भरते ही फूट जायेगा। तब तुम लोगों का हिसाब मैं गिन-गिन कर चुकता करूंगा। तब-तक बस तुम लोग चुनावी सरकस का मजा लो और मौज काटो।

#सुरेश सौरभ
निर्मल नगर लखीमपुर खीरी

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।