इन्सान से इन्सान

Read Time0Seconds
madhavi upadhyay
इन्सान से इन्सान,
अब भयभीत हो गए ।
         भावना है मर गई
         संवेदना झुलस गई,
         व्यक्ति स्वार्थ हो गया
         अर्थ व्यर्थ हो गया ।
         प्रेम और सौहार्द का
         विश्वास आज खो गया ।।
         पाप पुण्य बन गया
         पुण्य पाप हो गया ।
         ऐसी बयार बह चली …
         कि सब अनर्थ हो गया ।
         मनुष्य में मनुष्य की
         तलाश शेष रह गई !
इन्सान से इन्सान अब सभीत हो गया ।।

                      परिचय:

नाम         : माधवी उपाध्याय 
जन्म स्थान: बिहार  ( चार घाट)
वर्तमान पता: जमशेदपुर ( झारखंड )
पिता का नाम : डा आचार्य हरेराम त्रिपाठी चेतन
पती का नाम :  सुनील कुमार उपाध्याय 
शिक्षा : बी.एड (हिंदी साहित्य )
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मन मेरा दीपक-सा

Sat Jul 21 , 2018
प्रखर प्यास अंतर में भरकर गुज़र रहा जीवन, हाथ गहा न किसी ने हँसकर गुज़र रहा जीवन! प्यासे लोचन प्यासी धड़कन प्यासी उर की चाह, बना प्यास का उद्गम अंतर गुज़र रहा जीवन! मिली नहीं सौन्दर्य कुमारी मुझको सपने में, केवल रूप-पुजारी बनकर गुज़र रहा जीवन! प्यारा यौवन अब ढलान […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।