परम पूजनीया गणिनी आर्यिका विशुद्धमती माताजी के पावन चरणों में भावों की स्वर्णिम माला 

Read Time16Seconds
rikhabchand
१ दैवीय है — आपका स्वरूप
२पूजनीय है—आपके चरण
३ करणीय है–आपकी पूजा
४ लेखनीय है -आपका चरित्र
५ माननीय है -आपकी मृदुता
६ मोहनीय है—आपकी ममता
७ दर्शनीय है– आपकी छवि
८ पठनीय है —–आपके लेख
९ माननीय है-आपका पराक्रम
१० श्रवणीय है-आपके उपदेश
११वर्धनीय है –आपकी प्रसिद्धि
१२पालनीय है —आपकी आज्ञा
१३ ग्रहणीय है — आपका त्याग
१४ अर्चनीय है-आपकी धर्मचर्या
१५ सेवनीय है आपकी वैयावृत्ति
१६ प्रार्थनीय है— आपकी भक्ति
१७ कल्पनीय है —आपकी शक्ति
१८ वर्णनीय है—-आपका जीवन
१९ विचारणीय —-आपकी सादगी
२० कथनीय है—- आपका वर्णन
२१ प्रेरणीय है ——आपका संयम
२२ रक्षणीय है –आपका अस्तित्व
२३ शोभनीय है–आपका दरबार
२४ जपनीय है ——आपका नाम
२५ घोषणीय है –आपका सम्मान
२६ उच्चारणीय है –आपका जयघोष
२७ तपनीय है —–आपकी क्षमता
२८ प्रशंसनीय हैआपका व्यक्तित्व
२९ वंदनीय है —-आपकी साधना
३०आदरणीय है आपका आचरण
३१श्लाघनीय है –आपकी तपस्या
३२स्मरणीय है —–आपकी वाणी
३३आदरणीय है —आपकी गुरुता
३४प्रदर्शनीय है  –आपका कृतित्व
३५सराहनीय है -आपकी उदारता
३६प्रकाशनीय है आपकी तेजस्विता
३७कल्पनीय है—-आपकी शक्ति
३८अतुलनीय है —–आपका ज्ञान
३९संवर्धनीय है — आपकी गरिमा
४०विचारणीय है —आपके विचार
४१सम्माननीय है  -आपके निर्देश
४२अनुकरणीय है -आपकी सरलता
४३अनुसरणीय है–आपके संस्कार
४४उपकरणीय है-आपकी पिच्छी
४५विश्वसनीय है –आपकी श्रद्धा
४६अभिनंदनीय है -आपकी जिंदगी
४७उल्लेखनीय है – आपकी महानता
४८अभिवंदनीय है- आपके आदर्श
४९अनुशासनीय है -आपकी मर्यादा
५०अपेक्षणीय है –आपका आशीष
हे गुरू माँ! यह रिखब आपके अपनत्व को भुला नही सकता
#रिखबचन्द राँका
परिचय: रिखबचन्द राँका का निवास जयपुर में हरी नगर स्थित न्यू सांगानेर मार्ग पर हैl आप लेखन में कल्पेश` उपनाम लगाते हैंl आपकी जन्मतिथि-१९ सितम्बर १९६९ तथा जन्म स्थान-अजमेर(राजस्थान) हैl एम.ए.(संस्कृत) और बी.एड.(हिन्दी,संस्कृत) तक शिक्षित श्री रांका पेशे से निजी स्कूल (जयपुर) में अध्यापक हैंl आपकी कुछ कविताओं का प्रकाशन हुआ हैl धार्मिक गीत व स्काउट गाइड गीत लेखन भी करते हैंl आपके लेखन का उद्देश्य-रुचि और हिन्दी को बढ़ावा देना हैl
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

अब राज्यसभा 22 भाषाओं में

Fri Jul 20 , 2018
अब राज्यसभा के सदस्य देश की 22 भाषाओं में सदन में बोल सकेंगे। राज्यसभा के सभापति और उप-राष्ट्रपति वैंकय्या नायडू की इस पहल पर उनको बधाई ! वैंकय्याजी ने स्वयं 10 भाषाओं में अपना पहला वाक्य बोलकर इस पहल का शुभारंभ किया। यह सुविधा संसद के दोनों सदनों को एक […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।