gopal

(विश्व वन्यजीव दिवस पर विशेष )

हरियाली से भरपूर हो जंगल,
वन्यजीव रहते आनंद-मंगल।

धरा से घटती इनकी संख्या,
देख आश्चर्यचकित होगा कल।

मत फैलाओ जंगल में अनल,
इनसे ही आता धरा पर जल।

वन्यजीवों का करें संरक्षण,
गुजारे ये भी खुशियों के पल।

मोर,शेर,गाय,हिरण-चीतल,
देखकर मन हो जाए शीतल।

वन्यजीव हैं हमारी धरोहर,
इनकी हिफाजत करें हरपल।

                                                                 #गोपाल कौशल

परिचय : गोपाल कौशल नागदा जिला धार (मध्यप्रदेश) में रहते हैं और रोज एक नई कविता लिखने की आदत बना रखी है।

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http://matrubhashaa.com/wp-content/uploads/2017/02/gopal.pnghttp://matrubhashaa.com/wp-content/uploads/2017/02/gopal-150x150.pngmatruadminUncategorizedकाव्यभाषाgopal(विश्व वन्यजीव दिवस पर विशेष ) हरियाली से भरपूर हो जंगल, वन्यजीव रहते आनंद-मंगल। धरा से घटती इनकी संख्या, देख आश्चर्यचकित होगा कल। मत फैलाओ जंगल में अनल, इनसे ही आता धरा पर जल। वन्यजीवों का करें संरक्षण, गुजारे ये भी खुशियों के पल। मोर,शेर,गाय,हिरण-चीतल, देखकर मन हो जाए शीतल। वन्यजीव हैं हमारी धरोहर, इनकी हिफाजत करें हरपल।        ...Vaicharik mahakumbh
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