बेटी बचाओ

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gulab

मचानी है तो धूम मचाओ,

लेकिन बेटी. बचाओ
चाहे उसे सोना न दिलाओ,
लेकिन बेटी बचाओ
चाहे उसे नाच नचाओ,
लेकिन बेटी बचाओ
चाहे उसकी मांग पूरी न हो
लेकिन बेटी बचाओ
चाहे उसे उसे कम पढ़ाओ
लेकिन बेटी बचाओ
चाहे उसे चाय पिलाओ
लेकिन बेटी बचाओ
चाहे उसे पायल न पहनाओ
लेकिन बेटी बचाओ
चाहे उसे वारिश न बनाओ
लेकिन बेटी बचाओ
चाहे उसका जन्म दिन न मनाओ
लेकिन बेटी बचाओ
चाहे चोरी चुपकी se गाना गाओ
लेकिन बेटी बचाओ
चाहे शादी में शरणाई न बजाओ
लेकिन बेटी बचाओ
जीवन अपना सुंदर सजा ओ और
बेटी बचाओ
बाग में अपने फूल खिलाओ और
 बेटी बचाओ
घर में अपने ज्योति जलाओ और
 बेटी बचाओ
लोगो को सच्ची राह दिखाओ
और बेटी बचाओ
घर में अपने लक्ष्मीनारायण लाओ
और बेटी बचाओ
दिल में अपने प्यार जगाओ
और बेटी बचाओ
भारत देश की शान बढ़ाओ
और बेटी बचाओ
गुलाब चंद का गौरव बढ़ाओ.
और बेटी बचाओ

#गुलाबचन्द पटेल

परिचय : गांधी नगर निवासी गुलाबचन्द पटेल की पहचान कवि,लेखक और अनुवादक के साथ ही गुजरात में नशा मुक्ति अभियान के प्रणेता की भी है। हरि कृपा काव्य संग्रह हिन्दी और गुजराती भाषा में प्रकाशित हुआ है तो,’मौत का मुकाबला’ अनुवादित किया है। आपकी कहानियाँ अनुवादित होने के साथ ही प्रकाशन की प्रक्रिया में है। हिन्दी साहित्य सम्मेलन(प्रयाग)की ओर से हिन्दी साहित्य सम्मेलन में मुंबई,नागपुर और शिलांग में आलेख प्रस्तुत किया है। आपने शिक्षा का माध्यम मातृभाषा एवं राष्ट्रीय विकास में हिन्दी साहित्य की भूमिका विषय पर आलेख भी प्रस्तुत किया है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय(दिल्ली)द्वारा आयोजित हिन्दी नव लेखक शिविरों में दार्जिलिंग,पुणे,केरल,हरिद्वार और हैदराबाद में हिस्सा लिया है। हिन्दी के साथ ही आपका गुजराती लेखन भी जारी है। नशा मुक्ति अभियान के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी दवारा भी आपको सम्मानित किया जा चुका है तो,गुजरात की राज्यपाल डॉ. कमला बेनीवाल ने ‘धरती रत्न’ सम्मान दिया है। गुजराती में ‘चलो व्‍यसन मुक्‍त स्कूल एवं कॉलेज का निर्माण करें’ सहित व्‍यसन मुक्ति के लिए काफी लिखा है।

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