*हिन्दी के लिए मांग रहे जनसमर्थन,  महाप्रबंधक से की भेंट*

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उज्जैन| 
हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु जन समर्थन मांगा जा रहा हैं, इसी अभियान के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के उज्जैन संभाग के महाप्रबंधक मोहम्मद शमीम खान साहब से मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने भेंट कर संस्थान व आन्दोलन के बारे में जानकारी दी|
खान साहब नें अपने हस्ताक्षर हिन्दी में करने पर प्रसन्नता जाहिर की व विभाग में भी कार्यव्यवहार हिन्दी में संचालन करवाने की बात कही| साथ ही संस्थान व आन्दोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए लोगों को हिन्दी में जागरुक करने का कहा| उनके इस हिन्दी प्रेम पर डॉ.जैन ने आभार माना| इस दौरान साप्ताहिक अपराधों की दुनिया के प्रधान सम्पादक जितेंद्र वामने भी साथ रहें| उक्त जानकारी संस्थान के संवाद सेतु रोहित त्रिवेदी ने दी|
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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।