आज व्यंग्यकार बनने के लिए मन अधीर हुआ,तो हो गया शुरु..,सोचा होली का माहौल है तो होली पर ही लिखा जाए। सोचना शुरू किया तो पहला प्रश्न आँखों के आगे आया कि, होली का मतलब है क्या?बचपन में नानी की जुबानी याद आई कहानी कि,’हिरण्यकश्यप की बहिन हती होलिका बाके […]
