हाथों में अंगार दिल में ज्वाला लिए निकला हूँ, आज फिर सीने में हिन्द की तस्वीर लिए निकला हूँ। माँ भारती का पुत्र हूँ॥ आँखों में जोश तो दिल में दर्द लिए निकला हूँ, हिन्द का सिपाही हूँ,नारा जय हिन्द के लिए निकला हूँ। हाथों में खड्ग,ढाल,बारूद लिए निकला हूँ॥ […]
