कटती नहीं उम्र मेरी अब तेरे बिना। मुझको किसी से मानो प्यार हो गया। जिंदगी की गाड़ी अकेले अब चलती नहीं। एक साथी की मुझे अब जरूरत आ पड़ी।। मिलना मिलाना जिंदगी का एक दस्तूर है लोगो। खिल जाता है दिल जब कोई अपना मिलता है यहां। जिंदगी के इस […]
भाषाई पत्रकारिता के सबसे बड़े आधार स्तंभ स्व. प्रोफेसर कमल दीक्षित एक प्रयोगधर्मी, रचनाधर्मी और विकासगामी पत्रकारिता के पैरोकार थे। वे एक सहज, सरल इंसान थे और पत्रकारिता के चलते-फिरते स्कूल थे। वे फक्कड़ पत्रकार और मूल्य आधारित पत्रकारिता में सबसे अग्रणी थे। आंचलिक पत्रकारिता को बढ़ावा देने में उनका […]
