भारत भूमि हमारी देवोपवन है। अनमोल रिश्ते हमारे अनुपम है॥ अमन-चैन-शांति इसके गहने हैं। हम सब आपस में भाई बहने हैं॥ चंद दिनों की यह जिंदगानी है। यहां न कोई राजा,न कोई रानी है॥ आओ मिलजुल कर प्रेम के दीप जलाएं, संग संग रहें,किसी के बहकावे में न आएं॥ ‘मंगलेश’ […]
