अपनी ही धुन में मगन देखते हैं फैशन का इस तरह चलन देखते हैं मर्यादा रखी गई ताक पर अधनंगा बदन देखते हैं लोग अपने आप मे सिमटने लगे खो रहा अपनापन देखते हैं रिश्तों में हो रही खटास जुबान पे कड़वापन देखते हैं तालुक कौन रखता है झोपड़े वालों […]

तुझसे बिछड़ने का  मलाल  रहा हर पहर एक तेरा ही ख्याल रहा दूर रहकर खुद को मनाता कैसे मेरे  लब  पर  यही  सवाल  रहा मेरी चाहत से जल रहा जमाना इसी  बात   का  तो  बवाल रहा रंग होली के सब फीके  ही रहे बचा  अब  तलक  गुलाल  रहा मुझे शिकवा […]

दिल से दिल मिलाएंगे दीवाली में          खुशियां मनाएंगे दीवाली में धरती सजेगी अम्बर सजेगा    और धूम मचाएंगे दीवाली में महकेगा घर आँगन अपना    रंगोली सजायेंगे दीवाली में खूब बटेगी मिठाई और बतासे      फुलझड़ी जलायेंगे दीवाली में चारो तरफ होगा धूम धड़ाका   […]

जश्न आजादी का मनाएंगे वन्दे मातरम मिलकर गाएंगे गली चौबारों पे  हम नाचे चलो मिलकर धूम मचाएंगे भारत माँ को नमन कर लो रोशनी से अपना घर सजायेंगे जाति धर्म का भेद नहीं कोई दिल से दिल हम  मिलाएंगे न द्वेष कोई भी हो बढ़े भाईचारा मिलकर रहे हम और […]

जब तुम नजरें झुकाकर चले थे सामने  मेरे  मुस्कुराकर  चले थे तभी से मोहब्बत करता था तुमसे मेरा दिल तुम भी चुराकर चले थे दोस्तों  के  संग अंताक्षरी  खेलना चाहत का नगमा तुम सुनाकर चले थे बहुत याद आता है वो पल मुझको चेहरे पे जुल्फे तुम  गिराकर चले थे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।