इंदौर । मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा वर्ष 2023 का हिन्दी गौरव अलंकरण डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित (उज्जैन) और प्रो. संजय द्विवेदी (नई दिल्ली) को प्रदान किया जाएगा। 19 फ़रवरी को इंदौर में अलंकरण समारोह आयोजित होगा। संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया कि ‘अलंकरण का यह चौथा […]

मातृभाषा उन्नयन संस्थान का प्रतिष्ठित सम्मान देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए दृढ़ता से कार्य करने वाले प्रतिष्ठित ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ द्वारा हिन्दी भाषा की अनवरत सेवा के लिए प्रदान किए जाने वाला सर्वोच्च सम्मान ‘हिन्दी गौरव अलंकरण’ है। इसकी शुरुआत वर्ष 2020 से हुई […]

इन्दौर। मध्य प्रदेश के यशस्वी राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल जी से राजभवन भोपाल में मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन अविचल ने भेंट कर उन्हें फ़रवरी माह में आयोजित होने वाले हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह में पधारने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर राज्यपाल जी को […]

हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह सम्पन्न हिन्दी में हस्ताक्षर करना गर्व का कार्य- डॉ. वैदिक हिन्दी का गौरव यज्ञ है अलंकरण इंदौर। इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित आज हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह में वरिष्ठ पत्रकार एवं विचारक श्री कृष्णकुमार अष्ठाना एवं वरिष्ठ कथाकार व लेखिका डॉ. कृष्णा अग्निहोत्री को मातृभाषा उन्नयन […]

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।