“मम्मी, मैं रात तक वापस आऊँगी, हैकाथॉन है।” आव्या जल्दी-जल्दी बैग पैक करते हुए बोली। मम्मी ने चिंतित होकर पूछा- “इतनी रात तक? वहाँ सब लड़के ही होंगे ना?” आव्या मुस्कुराई- “कोड में लड़का-लड़की नहीं होता मम्मी, बस दिमाग़ होता है।” रात 2 बजे, मम्मी ने फोन किया- “बेटा, सब […]
