जिंदगी में जिंदगी की ये अहमियत जान लो,   वक्त पे हर काम करने की अभी से ठान लो,   जिंदगी है तुम्हारी एक कहानी की तरह,   काम से ही नाम होगा जिंदगी मे हर जगह,   काम से पहचानते हैं लोग मतलब मे यहाँ,   जिंदगी ये काम […]

माँ शब्द मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा गुमान हैं, माँ ही मेरी जिंदगी और माँ से ही मेरी पहचान हैं, अंधेरों से उजालों तक के इस सफर में, मशाल बन कर मेरी माँ ने दिया बहुत बड़ा योगदान हैं, हर मुसीबत से बचाया मुझे,जिंदगी जीना सिखाया मुझें, हर कदम पे […]

हम भी प्रतिकूल परिस्थियों के कारण और कुछ प्रयासों के विफल हो जाने पर प्रयास करना छोड़ देते हैं। हम स्वयं को अपनी ही नकारात्मक सोच के बन्धनों में बाँध देते हैं,और यह मानने लगते हैं कि हमारे प्रयास कभी सफल हो ही नहीं सकते,लेकिन वास्तव में हमें यह नहीं […]

अजीबोगरीब था सफर मेरा, शुरुआत में मैंने कोई शुरुआत ही न की निकला जब घर से अनजान था मैं, रास्ते में भी किसी से मुलाकात ही न की। दिल में जुनून था,उबलता मेरा खून था, तपिश थी,लगन थी सफर में सुकून था न साथी कोई,न सहारा कोई था, किसी ने […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।