प्रशासन की नाकामी का कितना भद्दा खेल, जाने कितनों को लील गई वो कम्बख्त रेल, वो कम्बख्त रेल दशहेरा हो गया काला, जाने कितने घरों से मिट गया उजाला, खुशियां लेने आए थे पर आँसूअन भरी परात, जाने वो कहां बिछड़ गए आए थे जो साथ, आए थे जो साथ […]

तुम अपनी उदास काली अंधेरी रातें मुझे दे दो। अपने सभी दुख दर्द आंसु अकेलापन उदासियां सब मुझे दे दो। सर्दी गर्मी पतझड़ आंधी तूफ़ान भी मुझे दे दो। और ले लो मेरे हिस्से की धूप बसंत हंसी खुशियां। इस नव वर्ष के उपलक्ष्य पर मैं ले लेना चाहता हूँ। […]

1. जागरूक होकर करो,मतदाता मतदान। राजधर्म निर्वाह को, करिये ये शुभदान।। 2. सब कामों को छोड़कर,करना है यह काम। एक दिवस मतदान का,बाकी दिन आराम।। 3. सही करो  मतदान तो, हो उत्तम सरकार। मन का प्रत्याशी चुनो,मत दे कर हर बार।। 4. डरो नहीं, झिझको  नहीं, रहे प्रशासन संग। अच्छा  […]

लोकतंत्र   में  उग   रहे, नेता  खरपतवार। राज काज से खेंचते,ज्यों फसलों का सार। ज्यों फसलों का सार ,चाटते  दीमक  जैसे। कर   समाज   में   फूट, सेंकते  रोटी  वैसे। कहे लाल कविराय, सब भ्रष्ट किया है तंत्र। चरत  रोजड़े  खेत, चरे  नित ये  लोकतंत्र। .                    आजादी  के दौर  से, नेता  नहीं  महान। […]

1. आओ सब मिलकर गाएँ। हम देने वोट जरूरी जाएँ। 2. अपनी ही सरकार है। मत देना अधिकार है। 3. देश के मतदाता है। वोट देना आता है। 4. सबका यह अरमान है। करना सब मतदान है। 5. आन बान अरु शान से। सरकार बने मतदान से। 6. उम्र अठारह […]

यह महफिलें यह रौनकें सब छोड़ो साथियो और तनिक मष्तिसक पर ज़ोर डाल कर सोचो यहाँ कोई लेखक कागद कलम दाल रोटी के जुगाड़ में जिम्मेदारियों के बोझ तले दब कर कर देता है कतल अपने भीतर बैठे रचनाकार का। जहाँ आतंकवादियों से जूझते हुए हो जाता है रोज़ाना शहीद […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।