आखिर तुम ऐसी क्यूं हो…….. तुम को देख के ये दिल बार-बार जोर से धड़कने लगता है, तुम्हारे बारे में सोच कर मन बेचैन हो जाता है, तुम्हारे बारे में सोच कर ये तन्हा दिल खुशी से उछल पड़ता है, तुम्हारी हँसी देख के ये उदासी भी छोड़ के […]
गुरु ज्ञान का भंडार होता है। शिष्यों का गुरु के प्रति आगाध विश्वास ही सफलता की राह पर ले जाती है।किसी भी देश के उज्ज्वल भविष्य का निर्माता माता-पिता और गुरु ही होते है। हिंसा करना और हिंसा से जवाब देना हर प्राणी को आता है और ये आम बात […]
भावनाओं के रथ पर सवार। बहुत कुछ कहती हैं दीवार। उगलकर शोला और आग, कर देती है आंगन के दो भाग। मन के कोने पर करारा प्रहार। भावनाओं के रथ पर सवार। बहुत कुछ कहती है दीवार। बिखरते बंधन टूटती आस्था, दिखता नहीं कोई भी रास्ता। बजते नहीं अब दिलों […]
हाथों में तिरंगा ले के चलते हैं जवान, जान हथेली पर ले लड़ते हैं जवानl धड़कते सीने में दहकते अंगार लिए, भारत की रक्षा में खुद को झोंकते हैं जवानl माथे पर कफ़न बांध कर चलते हैं, आ जाए दुश्मन सामने,तो भून देते हैं जवानl सलाम करती दुनिया इन हौंसलों […]
कभी राम नाम की धरती थी, और कृष्ण नाम का राज था लुप्त हुए जब राम-कृष्ण, सब अंग्रेजों के हाथ था। एक दिन ऐसा भी आया, जब अंग्रेजों का अंत हुआ यह फिरंगियों का कल था लेकिन, भारतीयों का आज था। बंद हुआ सब खून-खराबा, चहुँओर खुशहाली थी लहराए फिर […]
तेरे आँचल में हमने माँ, जीवन अपना काट दिया, तेरे आँचल की खातिर माँ, सर पे कफ़न अब बाँध लिया छू न पाएगा दुश्मन भी, तुझको माँ ये वचन दिया, माँ तुझे सलाम माँ तुझे सलाम…..। बन के तेरे रक्षक हम माँ, बेटे का फर्ज निभाएंगे, कसम हमें जननी की […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।