इन्दौर । हिन्दी प्रसार के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा गुरुवार को लेखिका यशोधरा भटनागर के लघुकथा संग्रह ‘एलबम’ पर चर्चा का आयोजन स्थानीय श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति में अपराह्न चार बजे किया जाएगा। इस आयोजन में मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे व अध्यक्षता वरिष्ठ […]

कलम जब भी बोलती है सच बोलती है  इन्दौर। शासकीय केंद्रीय अहिल्या पुस्तकालय में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत पुस्तकालय, हिंदी परिवार इंदौर एवं संभागीय पुस्तकालय संघ इंदौर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित मंगलवार को मासिक पाठक संसद में कवियों ने विभिन्न विषयों पर अपनी रचनाएं सुनाकर ग्रीष्म की […]

इन्दौर। मध्यप्रदेश के राज्यपाल माननीय मंगूभाई पटेल से रेसीडेंसी कोठी में मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रतिनिधि मण्डल ने भेंट की, जिसमें संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, कोषाध्यक्ष शिखा जैन, कार्यकारिणी सदस्य भावना शर्मा एवं नितेश गुप्ता शामिल रहे।राज्यपाल श्री पटेल ने वुमन आवाज़ की पुस्तक ‘प्रथम सृजक’ […]

पुस्तक विमोचन एवं चर्चा सम्पन्न इन्दौर । ’रचनाकार ने जो लिखा है, उसे उसकी समझ के अनुसार पढ़ना चाहिए, उस पर अपनी समझ नहीं लादनी चाहिए। अदिति की रचनाओं में वात्सल्य भाव अधिक है, जिसमें वो स्त्री के लिए प्रार्थना करती है कि शुरुआत करने की कोई उम्र नहीं होनी […]

पुस्तक विमोचन एवं चर्चा आयोजित इन्दौर । संस्मय प्रकाशन द्वारा रविवार को लालित्य ललित के व्यंग्य संग्रह *पाण्डेय जी छज्जे पर’ का विमोचन एवं लेखिका अदिति सिंह की पुस्तक खामोशियों की गूँज पर चर्चा का आयोजन प्रेस क्लब सभागार में अपराह्न चार बजे किया जाएगा। इस आयोजन में विशिष्ट अतिथि […]

नर्मदा साहित्य मंथन का निष्कर्ष बहुत बड़ा होगा इंदौर। माँ अहिल्या की राजधानी ,आदि शंकराचार्य एवं मंडन मिश्र की शास्त्रार्थ भूमि ,माँ रेवा के तट पर बसी एतिहासिक और धार्मिक नगरी महेश्वर में साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश एवं विश्व संवाद केंद्र मालवा ने संयुक्त रूप से एक कार्यक्रम की योजना की […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।