पाप किया है तो भुगतना होगा दंड भी पाप का भोगना होगा चाहे छिपकर ही किया हो पाप उसका भी करना होगा संताप करनी भरनी है नियति का खेल राजा हो या रंक जाते वे भी जेल हर पाप कर्म से दुःख मिलेगा मन का पाप भी चैन हर लेगा […]

पीछे हट गया चीन शैतान देख ताकत निकल गई जान सारा कब्जा छोड़ना होगा वर्ना परिणाम भुगतना होगा शांति के है हम पक्षधर युद्ध हमारी पहचान नही जमीं पर हमारी गड़ाये दृष्टि यह किसी की ओकात नही अभी डेढ़ किमी पीछे हटा है शेष भूमि से भी हटना होगा कोई […]

समय बहुत बलवान है यथार्थ स्वीकार लीजिए रंक से यह राजा बना दे राजा को यह रंक बना दे शक्ति इसकी पहचान लीजिए समय को गर पहचान लिया समय से चलना जान लिया समय उसी की मुठ्ठी में रहा समय का विजेता वही रहा उसी को सफल जान लीजिए एक […]

अगर नर और नारी ना होते, विश्व में इतनी आबादी ना होती। बेचारी किसी भी सरकार को , इतनी समस्याएं भी ना होती।। अगर आबादी इतनी ना होती, बेरोजगारी की समस्या ना होती। सरकार कितनी भी कोशिश करें पर कभी समस्या हल ना होती।। अगर आदमी बूढ़ा ना होता, वह […]

पिता हमारा जब परमात्मा चिंता का कर दो खात्मा सारी फिक्र भी वही करेगा सारे दुःख भी वही हरेगा तुम्हे तो बस कर्म करना है कर्म को अपना धर्म समझना है रोटी,कपड़ा ,मकान मिलेगा सुख,सम्रद्धि, सम्मान मिलेगा सन्तोष को बस गहना बना लो शांति मन्त्र की माला बना लो सब […]

मानव जीवन सार्थक बना लो मानवीय संस्कारों को अपना लो दया,करुणा, प्रेम,अपनत्व को आभूषण समझ गले से लगा लो हिंसा,द्वेष, ईर्ष्या, लालच को अपने से बस दूर भगा लो जो सुख मिलेगा इससे जीवन में उसे परमानन्द का आधार बना लो।#श्रीगोपाल नारसन

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।