ललनाओं हो जाओ तैयार

0 0
Read Time1 Minute, 21 Second

asha jakad
ललनाओं  हो जाओ तैयार।
अब आई युद्व की बारी ।।

क्षत्राणियों के खून मे
उमड़ रहा है जोश।
हवाएं भी झूम-झूम,
गा उठी मदहोश ।
दुश्मन के ठिकानों पर,
हम करें वार पर वार।
ललनाओं हो जाओ तैयार ।

हाथों में चूड़ियों के साथ ,
अपने खड्ग थाम लो
रानी लक्ष्मीबाई सम ,
ढाल पीठ पर बांध लो ।
आंधी सी हम टूट पड़े,
करें दुश्मन पर प्रहार।
ललनाओं हो जाओ तैयार ।

काश्मीर  से शत्रु को ,
खदेड़ के ही दम लेंगे।
रानी सारंधा बन,
दुश्मनों से बदला लेंगे ।
आन की खातिर ,
भोंकली जिसने कटार ।ः
ललनाओं हो जाओ तैयार ।

वीरों का है ये देश ,
वीरांगना इसकी शोभा ।
छोटे बच्चे यहां खेल में ,।
लेते अग्नि से लोहा ।
आल्हा – उदल की गाथा ,
जन जन में भर दे  हुंकार ।
ललनाओं हो जाओ तैयार ।

आज दुर्गा बन  दिखाएं।
हम रण  में जौहर ।
माता अहिल्या सम दिखाएं ,
हम युद्ध कौशल ।
माता जीजाबाई सदृश ,
उठालो हाथ में तलवार ।
ललनाओं हो जाओ तैयार।.

#आशा जाकड़

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

नारी चालीसा

Sat Jun 2 , 2018
दोहा माँ बेटी पत्नी सभी, नारी के ही रुप। भारत माँ के रुप मे नारी दिव्य स्वरूप।। चौपाई गौरव शाली जीवन गाथा। हम सबकी जो भाग्य विधाता।1। नारी महिमा अपरंपारा। जग से हरती जो अँधियारा।2। शक्ति रूप धर दुर्गा बनती । लक्ष्मी रुप मे विपदा हरती।3। सरस्वती माँ कंठ समाती। […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।