आज कर फिर बहाना तू
मेरा दिल बहलाने का
मुझे तेरी बुरी आदत
देख सब भूल जाने का।
आज कर फिर बहाना तू
मेरा दिल बहलाने का।
तेरे हर लफ्ज़ को मैंने
सर-माथे लगाया है
उठी उँगली किसी की गर
कदमों पर झुकाया है
मुझे तेरी बुरी आदत
देख सब भूल जाने का।
आज कर फिर बहाना तू
मेरा दिल बहलाने का।
झूठ पर सौ किये परदे
बिखर तू टूट न जाये
सम्भाला मैं मुहाफ़िज़ बन
कहीं तू चोट न खाये
मुझे तेरी बुरी आदत
देख सब भूल जाने का।
आज कर फिर बहाना तू
मेरा दिल बहलाने का।
#श्रवण राज ‘लयरिसिस्ट राज’
परिचय :
नाम-श्रवण राज
उपनाम-लयरिसिस्ट राज
वर्तमान-शाहजहांपुर
राज्य-उत्तर-प्रदेश
शहर-शाहजहांपुर
शिक्षा-ग्रेजुएशन
कार्यक्षेत्र-गीतकार
विधा- कम्पोजिंग
प्रकाशन-कुछ प्रिंट मीडिया (2010-2011)
सम्मान- कोई नही।
ब्लॉग-कोई नही।
अन्य उपलब्धियां-फ़िल्म प्रोडक्शन वर्किंग मुंबई और निरंतर अपडेट सांग फेसबुक सोशल नेटवर्क।
लेखन का उद्देश्य- स्वतंत्र रहना।
Sat May 26 , 2018
फसल लहलहाती तुम अफीम की मैं सूखा पीड़ित ईख खेत प्रिये हो मिट्टी तुम चिकनी और मुल्तानी ज्येष्ठ धूप में तपती मैं गर्म रेत प्रिये हो छड़ी जादुई बालपरी की तुम जंगली टेढ़े बांस का मैं बेंत प्रिये तुम लोकतंत्र की राजनीति प्यारी मैं मतदाताओं का मत रेट प्रिये हो […]