टाइगर का कमाल ज़िंदा है

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मुम्बईl निर्देशक अली अब्बास जफर और संगीतकार विशाल-शेखर की प्रतिभा से बनी फिल्म `टाइगर ज़िंदा है` में वाकई टाइगर का कमाल ज़िंदा हैl २ घण्टा ४१ मिनट की इस फिल्म में कलाकारों में-सलमान,कैटरीना,सुदीप,कुमुन्द मिश्रा,अनुप्रिया,गिरीश कर्नाड,परेश रावल और ईरानी अभिनेता सज्जाद देलफरूज आदि हैंl मुम्बई के खचाखच भरे सिनेमाघर सलमान के प्रशंसकों की संख्या जता रहे थे,इसलिए बड़ी मुश्किल से टिकिट मुहैया हुएl पूरा हॉल जनता से लबरेज थाl सिनेमाहॉल का भरा होना वह भी पहला शो सुबह ९ बजे का जनता के सलमान प्रेम को तो दर्शा ही रहा था,साथ ही साथ सलमान के स्टारडम की गाथा भी बयां कर रहा थाl इसकी कहानी यह है कि,फ़िल्म अंतरराष्ट्रीय समस्या अमेरिका और गल्फ देशों की दुश्मनी और कट्टरता पर आधारित हैl सीरिया में फ़िल्म शुरु होती है,जहां वहां के मुजाहिदीन संगटन आईएससी जिसके मुखिया अबू उस्मान (सज्जाद देलफरूज)हैंl वह अमेरिकी जासूस का बदले की भावना के चलते कत्ल कर देता है,तो जवाब में अमेरिका उन पर हमला करके अबू को घायल कर देता हैl अबू को एक अस्पताल ले जाया जाता है और उसकी सुरक्षा के चलते २५  भारतीय नर्सों और १५ पाकिस्तानी नर्सों को बंदी बना लिया जाता हैl पिछली फिल्म `एक था टाइगर` में टाइगर तथा  ज़ोया का प्यार दिखाया गया था,अब दोनों आस्ट्रिया में अपने एक बेटे के साथ गुमनामी की ज़िंदगी बिता रहे हैंl अमेरिकन सेना उस अस्पताल को अबू के साथ हमला करके उड़ा देना चाहती है,लेकिन भारतीय दूतावास अपनी नर्सों को बचाना चाहता है,तो समय मिलता है ७ दिनl तब टाइगर को इस मिशन के लिए इसरार किया जाता हैl देशभक्ति और इंसानियत के नाते टाइगर राजी हो जाता है,और अपने दल के साथ मिशन पर निकल पड़ता हैl अब शुरू होती है एक्शन, जिसके निर्देशक हॉलीवुड के टॉम हैं,जिन्होंने एक्समेन,डार्क नाइट्स,इन्सेप्शन फिल्में की हैl

यहीं उनकी मुलाकात गुप्त रॉ एजेंट परेश रावल से  होती हैl  साथ ही यहां ज़ोया भी मिलती है,जो पाकिस्तानी नर्सों को छुड़ाने के लिए आई हैl  फिल्म की सबसे अच्छी बात यह है कि,भारत-पाक के एजेंट्स मिलकर इस मिशन को अंजाम देने के लिए एकसाथ आ जाते हैंl क्या टाइगर और ज़ोया नर्सों को छुड़ा पाते हैं ?,इसके लिए सभी को फ़िल्म देखनी पड़ेगीl

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फ़िल्म में सलमान खान,कैथरीना,गिरीश कर्नाड,परेश रावल तथा कुमुन्द मिश्रा ने किरदारों से न्याय किया हैl इस साल की दूसरी फिल्म जिसमें पहले दिन भीड़ दिखी है,यह अच्छी बात हैl फ़िल्म की रफ्तार बहुत तेज है,दोनों भाग सरपट निकल जाते हैंl इस फ़िल्म को भारत में ४६०० और स्क्रीन्स विदेशों में ११०० पर्दाघर मिले हैंl इस फिल्म से ४० करोड़ की ओपनिंग की उम्मीद हैंl इसका संगीत भी अच्छा बना है और गाने तीनों ही अच्छे हैंl  `स्वेग` तो पूरे देश में छा ही गया है,पर `दिल दिया गल्लां` भी शानदार बन गया हैl सभी स्थल भी सुन्दर और छायांकन भी लाजवाब हैl इस फ़िल्म को साढ़े ३ सितारे देना बेहतर हैl

                                             #इदरीस खत्री

परिचय : इदरीस खत्री इंदौर के अभिनय जगत में 1993 से सतत रंगकर्म में सक्रिय हैं इसलिए किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं| इनका परिचय यही है कि,इन्होंने लगभग 130 नाटक और 1000 से ज्यादा शो में काम किया है। 11 बार राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व नाट्य निर्देशक के रूप में लगभग 35 कार्यशालाएं,10 लघु फिल्म और 3 हिन्दी फीचर फिल्म भी इनके खाते में है। आपने एलएलएम सहित एमबीए भी किया है। इंदौर में ही रहकर अभिनय प्रशिक्षण देते हैं। 10 साल से नेपथ्य नाट्य समूह में मुम्बई,गोवा और इंदौर में अभिनय अकादमी में लगातार अभिनय प्रशिक्षण दे रहे श्री खत्री धारावाहिकों और फिल्म लेखन में सतत कार्यरत हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।