नारी सशक्तिकरण

0 0
Read Time2 Minute, 7 Second
tara prajapat
देश का मान और शान है,भारत की बेटियां,
घर की रौनक और जान है,भारत की बेटियां।
जमीं पर चलाती है ट्रक, रिक्शे और रेलगाड़ियां,
आसमां पे उड़ा रही विमान,भारत की बेटियां।
नेहा,कृष्णा,सानिया और भी अनगिनत,
खेल-जगत की पहचान है,भारत की बेटियाँ।
जीजा,देवकी,कौशल्या,यशोदा और माँ मदालसा,
ममता की गहरी खान है,भारत की बेटियाँ।
सीता-सावित्री-सी, कभी मीरा दीवानी-सी,
मर्यादित प्रेम की मधुर तान है,भारत की बेटियाँ।
बनी कभी रजिया तो कभी बनी वो पदमिनी,
देशहित पे सब कुर्बान है, भारत की बेटियाँ।
पढ़-लिखकर रौशन कर रही है देश नाम का,
संस्कारी, ज्ञानवान है, भारत की बेटियाँ।
पर्वतारोहण,अंतरिक्ष,सेना और हर क्षेत्र में,
जोश में परवान चढ़ रही है,भारत की बेटियाँ।
किसी भी बात में ये बेटों से कम नहीं होती,
माँ-बाप का अरमान है, भारत की बेटियाँ।
भूतकाल,वर्तमान और आगे भी भविष्य काल में,
विश्व में भारत का सम्मान है, भारत की बेटियाँ।
                                                              #तारा प्रजापत ‘प्रीत’
परिचय: तारा प्रजापत ‘प्रीत’ का घर परम्पराओं के खास धनी राज्य राजस्थान के जोधपुर स्थित रातानाड़ामें है। आपकी जन्मतिथि-१ जून १९५७ और जन्म-स्थान भी जोधपुर(राज.) ही है। बी.ए. शिक्षित तारा प्रजापत का कार्यक्षेत्र-गृहस्थी है। पत्रिकाओं और दो पुस्तकों में आपकी रचनाएँ प्रकाशित हुई है तो अन्य माध्यमों में भी प्रसारित हैं। लेखन का उद्देश्य अभी तक तो शौक ही है।

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बहार

Fri Aug 18 , 2017
आसमान पर काली घटाएं छाने वाली है, बेवक्त जाने-अनजाने हम को हँसाने मन को गुदगुदाने धरती को वृक्षों से सजाने वाली है। आसमान पर…..॥ बह रही है नदियाँ निर्मल धारा बनकर, देख रहा है दुःख बेचारा बनकर, गूंज रहा सुख नारा बनकर धरती पर उगी मुलायम घास को गाय खाने […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।