कब होगा आतंक बंद ?

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baldva
कौन बेवकूफ़ (गधा) इसे कायराना हमला कह रहा है ? अरे कहकर मारा है..बताकर मारा है..सेना के संरक्षण में मारा है…और घुसकर भी मारा है। अरे
नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते ही मारा है…जी हां,भक्तों को ही मारा है और
एक आतंकी की बरसी पर ही मारा है…
उस देश के लोगों को मारा है जिनका दोस्त इजरायल और रूस है…।सोचने की बात यह भी है कि,’सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद मारा है। तमाम सेटेलाइट होने के बाद मारा है…अब ये कायराना है तो फिर वीरता क्या है ??? वीरता ये है कि ,हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। सिर्फ  जवान और किसान ही इस देश की हर समस्या का अंत है। जवान  छुट्टी ले ले नेताओं की सुरक्षा से और किसान अन्न उगाए सिर्फ परिवार के लिए ?,तो क्या होगा। समझ में नहीं आता कि,नेता क्यों नहीं मरते हैं ऐसे हमलो में। वैसे नेता लोग आतंकी के रिश्तेदार नहीं,तो क्या जो आतंकी उनको नहीं मारते।
इसका एक मतलब है,शायद आतंकी और नेताओं की रिश्तेदारी है। अब यह सोचने का नहीं,करने का वक़्त है कि,आतंक बंद कब होगा..l

                                                                         #शिवरतन बल्दवा

परिचय : जैविक खेती कॊ अपनाकर सत्संग कॊ जीवन का आधार मानने वाले शिवरतन बल्दवा जैविक किसान हैं, तो पत्रकारिता भी इनका शौक है। मध्यप्रदेश की औधोगिक राजधानी इंदौर में ही रिंग रोड के करीब तीन इमली में आपका निवास है। आप कॉलेज टाइम से लेखन में अग्रणी हैं और कॉलेज में वाद-विवाद स्पर्धाओं में शामिल होकर नाट्य अभिनय में भी हाथ आजमाया है। सामाजिक स्तर पर भी नाट्य इत्यादि में सर्टिफिकेट व इनाम प्राप्त किए हैं। लेखन कार्य के साथ ही जैविक खेती में इनकी विशेष रूचि है। घूमने के विशेष शौकीन श्री बल्दवा अब तक पूरा भारत भ्रमण कर चुके हैं तो सारे धाम ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी कई बार कर चुके हैं।

matruadmin

One thought on “कब होगा आतंक बंद ?

  1. आतंकवाद खत्म तब होगा जब हम सभी आपस मे लड़ना बन्द करेंगे व गन्दी राजनिती बन्द कर अपने आपको ईमानदारी के रास्ते पर लायेंगे ! हमारी फुट आपसी झगड़े ही सबसे कमजोरी है देश को कमजोर करने की !

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।