गणतंत्र दिवस विशेष- विश्वनायक गणतंत्र

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सन् उन्नीस सौ पचास में गणतंत्र जन्मा
सतत् यह ऊँगली थामे नेताओं की चलता
संसदों की गुँजारों से बनता बढ़ता रहता
अच्छा लगता न्यारा सारा संविधान हमारा
अख़बारों की कुख़बरों से मन उचट जाता
आती तेरी याद बहुत सारी भारत माता
एक ही बात निकलती दिल जब भर आता
संविधान में चाहिए अब नहीं क्षमा भावना
खत्म हो अमीरी, गरीबी, जाति-भेद की भाषा
कुराजनीति, लिंगभेद, अंधविश्वास, अशिक्षा
बलात्कारी आतंकी को हो त्वरित फाँसी की सज़ा
तब फिर हमारा भारत सिरमौर बनेगा
विश्व गणनायक वो गणतंत्र कहलाएगा

#देवयानी नायक, झाबुआ,
जिला झाबुआ म.प्र.

matruadmin

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गणतंत्र दिवस विशेष- व्यथा दिवस की

Mon Jan 23 , 2023
सभी अधिकारों का रक्षक अपना यह गणतंत्र पर्व है, प्रजातंत्र ही मंत्र हमारा हम सब को इस पर गर्व है। आज़ादी के दीवानों का स्वप्न सच कर दिखाएँगे, ऐसे हम स्वाभिमान से गणतंत्र दिवस मनाएँगे। हर्ष, जोश और उमंग संग मैं मन मन मुस्काई, ख़ुश मुझे देख कामवाली बाई छुट्टी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।