
जीवन है चलने का नाम
चलते रहो सुबह से शाम
नही थकना कभी राह में
नही करना कभी आराम
दिल जैसे चलो अनवरत
फिर भी बने रहो यथावत
जीवन पथ पर चलते जाओ
सद्कर्मो को करते जाओ
ईश्वर तुम्हारे सारथी होंगे
युग परिवर्तन महारथी होंगे
बहारे स्वागत करेंगी तुम्हारा
परोपकार मानेगा जग सारा
ईश्वरीय निमित्त बन जाओगे
तुम सबके प्यारे कहलाओगे।
श्रीगोपाल नारसन

